एकरारनामा की अवधि समाप्त, एनजीओ कर रहे संचालन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Oct 2017 12:11 PM (IST)
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समस्तीपुर : जिले में संचालित दो प्रखंडों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का संचालन फिलवक्त एकरारनामा के नवीकरण के बिना ही स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है. इस कारण से राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने आपत्ति जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी से जवाब-तलब किया है़ बता दें कि जिले के ताजपुर […]
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समस्तीपुर : जिले में संचालित दो प्रखंडों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का संचालन फिलवक्त एकरारनामा के नवीकरण के बिना ही स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है. इस कारण से राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने आपत्ति जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी से जवाब-तलब किया है़
बता दें कि जिले के ताजपुर व कल्याणपुर प्रखंड में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का संचालन एकरारनामा की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है. ताजपुर में यह विद्यालय 13 दिसंबर 2005 व कल्याणपुर में दो अक्तूबर 2006 से संचालित है. केंद्र सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने का निर्णय लिया था. इस योजना का शुभारंभ 2004 में किया गया. इन विद्यालयों में कम-से-कम 75 फीसदी अनुसूचित जाति व जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्गों की बालिकाओं के लिए आरक्षित है़
वहीं 25 फीसदी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करेने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए है. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना इस उद्देश्य से की गयी कि वंचित वर्गों की उन बालिकाओं को जोड़ा जा सके, जो कठिन परिस्थितियों व दुर्गमवास स्थानों में रहते हुए किसी भी कारणवश (यथा सामाजिक, पारिवारिक आदि) विद्यालय नहीं जा सकी़
2012 में समाप्त हो चुकी है एकरारनामा की अवधि : स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एकरारनामा की अवधि कई वर्ष पूर्व समाप्त हो चुकी है़ लेकिन संबंधित पदाधिकारियों के द्वारा मूल्यांकन टीम के माध्यम से उनकी सेवा की जांच नहीं करायी गयी़
स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा छात्रावास में उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा नहीं की गयी़ बइपी सूत्रों की मानें तो स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एकरारनामा की अवधि वर्ष 2012 में ही समाप्त हो चुकी है. स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एकरारनामा के नवीकरण के पूर्व उनका मूल्यांकन करने से संबंधी पत्र राज्य कार्यालय के द्वारा 23 अगस्त 2012 को ही भेजी गयी थी़
पदाधिकारियों की शिथिलता के कारण आजतक प्रक्रिया लंबित पड़ी हुई है़ डीपीओ एसएसए देवविंद कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एकरारनामा के नवीकरण से संबंधित संचिका संभाग प्रभारी से तलब की है. बता दें कि पांच बिंदुओं पर मूल्यांकन करने के बाद एकरारनामा के नवीकरण से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश है.
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