उड़ान योजना से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण तेज सहरसा . देश के दूरदराज इलाकों को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में सरकार की पहल के तहत उड़ान योजना में शामिल सहरसा हवाई अड्डा से जल्द ही उड़ान सेवा शुरू होने की उम्मीद है. हवाई अड्डे के पश्चिमी हिस्से में रनवे विस्तार के लिए नरियार मौजा में अतिरिक्त भूमि के स्थायी अधिग्रहण को लेकर सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रारूप रिपोर्ट पर लोक सुनवाई पूरी कर ली गई है. पहले चरण में रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ भूमि अधिग्रहण की योजना थी, जिसके लिए जिला प्रशासन को 147 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं. बाद में तकनीकी कारणों से एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तीन एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का निर्देश दिया. इसको लेकर जिला प्रशासन अब रैयतों की पहचान कर मुआवजा राशि के प्रस्ताव को सरकार के पास भेजने की तैयारी में जुटा है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान आयोजित सभा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहरसा हवाई अड्डे के निर्माण कार्य को एक महीने के भीतर शुरू करने की घोषणा की थी. इससे क्षेत्र में विकास की उम्मीदें और तेज हो गई हैं. 77 एकड़ का होगा सहरसा हवाई अड्डा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार के लिए नरियार मौजा में अतिरिक्त भूमि का स्थायी भू अर्जन की प्रक्रिया जारी है. बिहार सरकार ने बजट में 147 करोड़ का प्रावधान किया है. यह राशि जिला को प्राप्त हो चुकी है. इस राशि से रनवे विस्तार किया जायेगा. 854 मीटर लंबाई वाले हवाई अड्डा का विस्तार कर इसे 1121 मीटर का बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की जा रही है. 19 सीटों वाले जहाज के उड़ान के लिए अतिरिक्त अनुमानित 12 एकड़ दो डिसमिल जमीन अधिग्रहण के लिए 67 खेसरा को पूर्व में ही चिह्नित कर लिया गया है. बाद में विभाग ने इसमें तीन एकड़ अतिरिक्त अर्थात कुल 15 एकड़ भूमि अधिग्रहण की योजना बनाई है. इसके लिए पश्चिम दिशा में तीन एकड़ और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके साथ ही उड़ान सेवा के लिए कार्रवाई तेज होगी. सहरसा से हवाई सेवा प्रारंभ होने से कोसी प्रमंडल के तीनों जिले सहरसा, मधेपुरा, सुपौल के अलावा बगल के खगड़िया जिले के लोगों को भी काफी लाभ होगा. काफी लाभकारी साबित होगा हवाई उड़ान वर्तमान हवाई अड्डा के पश्चिमी भाग में अब 15 एकड़ दो डिसमिल जमीन की खरीद की जायेगी. इससे हवाई अड्डा के विस्तार एवं निर्माण कार्य में तेजी आयेगी. इससे पूर्व एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने पहले सर्वे में संभाव्यता रिपोर्ट तैयार की. दूसरे सर्वे के दौरान उड़ान में आनेवाली सभी बाधाओं को रेखांकित किया. इस टीम ने रनवे से चारों तरफ मोबाइल टावर, भवन, पेड़ पौधों का भी जायजा लिया. सर्वे टीम द्वारा उड़ान में आने वाले अवरोधों का अध्ययन किया. इलाके की जनसंख्या, रेलवे स्टेशन, स्कूल कालेज, मेडिकल कॉलेज, विदेशों में रहने वाले लोगों की संख्या की जानकारी प्राप्त कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को समर्पित कर दिया. तब से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा था. मिली जानकारी अनुसार एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने जो फिजिबिलिटी रिपोर्ट विभाग को समर्पित की थी, उसमें शहर के मध्य अवस्थित इस हवाई अड्डा के काफी लाभकारी होने का संकेत दिये थे. सहरसा हवाई अड्डा को क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत विमानों के सुगम परिचालन के मद्देनजर रनवे का विस्तार, पैसेंजर के लिए टर्मिनल बिल्डिंग, पार्किंग सुविधा, जहाज खड़ा करने का पार्किंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम, पायलट के लिए रेस्ट फैसिलिटी, वीआईपी लॉज की सुविधा दी जायेगी.
सहरसा हवाई अड्डे का होगा विस्तार
सहरसा हवाई अड्डे का होगा विस्तार
