हम आपका इंतजार कर रहे हैं, नरक में स्वागत है; US ग्राउंड ऑपरेशन की खबरों पर ईरान का कड़ा संदेश

Iran War : क्या अमेरिका सचमुच ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहा है? अगर यह सच है, तो दुनिया पर बहुत बड़ा खतरा है. ईरान की धरती पर पहुंचकर अगर अमेरिका ऑपरेशन चलाएगा तो उसे बहुत नुकसान होगा. ईरान ने उसे धमकी भी दी है कि नरक में आपका स्वागत है. इस लिहाज से दोनों ही पक्ष आमने-सामने हैं, अब यह देखना होगा कि दोनों देश विश्व के हित में फैसला करते हैं या फिर अपने घमंड में पूरी दुनिया का नुकसान करते हैं.

Iran War : अमेरिका और ईरान का युद्ध अब और भी खतरनाक रूप लेता जा रहा है. अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वाशिंगटन पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन(अमेरिका का रक्षा और सेना से जुड़ा मुख्यालय)अब ईरान युद्ध को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है और जल्दी ही ईरान में अमेरिका यह ऑपरेशन चलाएगा, जो एक सप्ताह तक चल सकता है. इस रिपोर्ट के वायरल होने पर ईरान की ओर से जो प्रतिक्रिया आई है, उसमें यह कहा गया है-आइए, हम आपका ही इंतजार कर रहे हैं. ईरान का यह जवाब साबित करता है कि मिडिल ईस्ट में कुछ भयंकर होने वाला है.

ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में अमेरिका

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ऐसे ऑपरेशन की योजना बना रही है जिसमें स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज और सामान्य पैदल सैनिक शामिल हो सकते हैं. हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि वे जमीनी सैनिक ईरान भेजने की मंजूरी देंगे या नहीं.ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब ईरान युद्ध पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर गया है और तनाव लगातार बढ़ रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिकी मरीन तैनात किए जा चुके हैं और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को भी भेजने की योजना बनाई जा रही है.अगर यह सच साबित होता है तो ईरान युद्ध का परिणाम बहुत ही घातक होने जा रहा है.

तेहरान ने दी वाशिंगटन को चेतावनी

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के बाद भारत में ईरानी एंबेसी ने तेहरान टाइम्स का एक पेज शेयर किया जिस पर लिखा था नरक में आपका स्वागत है और इसपर कैप्शन था, हम आपका इंतजार कर रहे हैं. तस्वीर में अमेरिकी सैनिकों की टुकड़ी को दिखाया गया है और उसपर लिखा है जो भी अमेरिकी सैनिक ईरान की धरती पर कदम रखेगा वह काॅफिन बाॅक्स में वापस जाएगा. ईरान द्वारा अमेरिकी ऑपरेशन के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी करना इस बात का सबूत है कि अमेरिका के लिए राह आसान नहीं होगी. अगर उसने ईरान की धरती पर ऑपरेशन की शुरुआत की, तो भयंकर युद्ध होगा, जिसमें ईरान मिसाइल का भी प्रयोग करेगा और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं. तेहरान टाइम्स के एक पेज को शेयर करते हुए ईरानी एंबेसी ने लिखा है, नरक में आपका स्वागत है. यह मैसेज बहुत बड़ा संदेश अमेरिका को देता है, जो यह साबित करता है कि अमेरिका को बहुत बड़ा नुकसान होने जा रहा है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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