पक्के निर्माण कर हो रही अवैध उगाही, अतिक्रमण हटाने व पुनर्वास की मांग 5 दर्जन से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों ने डीएम व कोसी प्रोजेक्ट को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त आवेदन प्रतिनिधि सलखुआ प्रखंड क्षेत्र के उटेशरा, गोरदह एवं चानन पंचायत अंतर्गत पूर्वी कोसी तटबंध पर सरकारी जमीन के बड़े पैमाने पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है. बाढ़ से प्रभावित भूमिहीन परिवारों ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा कोसी बांध की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पक्के भवन, दुकानें एवं झोपड़ीनुमा संरचनाएं बनाकर उन्हें किराए पर दिया जा रहा है और वर्षों से अवैध उगाही की जा रही है. बाढ़ पीड़ितों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा पीड़ित परिवारों ने बताया कि कोसी क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण उनका घर-बार उजड़ जाता है. ऐसे में वे अस्थायी रूप से कोसी बांध पर शरण लेने को मजबूर होते हैं. लेकिन अब यह सुरक्षित आश्रय स्थल भी उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है. आरोप है कि बांध पर कब्जा जमाये लोगों द्वारा उनसे रहने के लिए जबरन किराया वसूला जाता है. ग्रामीणों के अनुसार यदि कोई किराया देने में असमर्थ होता है या विरोध करता है तो उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती है. कई पीड़ितों ने यह भी बताया कि पानी, रास्ता और अन्य दैनिक सुविधाओं के उपयोग के लिए भी उन्हें दबाव और अपमान का सामना करना पड़ता है. सरकारी राजस्व को भी हो रहा नुकसान मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निजी रूप से किराया वसूले जाने से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. जिस जमीन का उपयोग बाढ़ पीड़ितों के अस्थायी पुनर्वास या सार्वजनिक हित में होना चाहिए, उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया जा रहा है. प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल पीड़ितों का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. इससे दबंगों का मनोबल और बढ़ गया है. संयुक्त आवेदन देकर की गयी उच्चस्तरीय शिकायत आक्रोशित होकर करीब पांच दर्जन से अधिक भूमिहीन बाढ़ पीड़ित परिवारों ने संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिलाधिकारी सह मुख्य अभियंता, कोसी प्रोजेक्ट सहरसा को सौंपा है. आवेदन में कोसी बांध की सरकारी जमीन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, अवैध पक्के निर्माण को ध्वस्त करने, अवैध उगाही में संलिप्त लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, भूमिहीन बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की गयी है. आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण विभाग, अंचलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है. आवेदन देने वालों में रेखा देवी, आशा देवी, मंजू देवी, सुमन कुमारी, पवित्रा देवी, शांति देवी, मुनमुन देवी, रंजन कुमार, रेखा कुमारी, रानी देवी, पूजा देवी, रंभा दवी , शोभा देवी, बिंदुला देवी, गुंजन देवी, फूलो देवी, शनिचरी देवी, सुक्कन सदा, पविया देवी, रोशन सदा, मुस्कान देवी, चंद्रकला देवी, लालदाय देवी, रंभा देवी सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं. सुरक्षा की भी उठायी गयी मांग पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि शिकायत करने के बाद उन्हें प्रताड़ित किए जाने की आशंका बनी रहती है, इसलिए प्रशासनिक संरक्षण आवश्यक है. मामले को लेकर क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
पूर्वी कोसी तटबंध की जमीन पर दबंग कर रहे कब्जा
पूर्वी कोसी तटबंध की जमीन पर दबंग कर रहे कब्जा
