लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की आवश्यकता पर दिया बल

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की आवश्यकता पर दिया बल

प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में अनुशासनिक कार्यवाहियों संबंधित हुई समीक्षात्मक सहरसा . प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को प्रमंडल से संबंधित जिलों में अनुशासनिक कार्यवाहियों की वर्तमान स्थिति समीक्षा के क्रम में छह माह से अधिक अवधि से लंबित विभागीय कार्यवाही के लंबित रहने के कारणों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गयी. ऐसे मामलों के त्वरित निष्पादन की आवश्यकता पर बल दिया. इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त ने अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने, निवारण से संबंधित प्रावधानों के संबंध विस्तृत जानकारी दी व निर्देश दिया कि सभी संबंधित पदाधिकारी तत्संबंधी प्रावधानों का पूर्ण तत्परता से अध्धयन करे एवं स्थापित नियमों के आलोक में प्राकृतिक न्याय का अनुसरण करते अनुशासनिक कार्यवाही संबंधित मामलों के सम्यक निवारण को प्राथमिकता दें. जिला स्तर पर भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन का निर्देश दिया. प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में तत्संबंधी मामलों की एक माह बाद फिर से समीक्षा की जायेगी. तब तक अनुशासनिक कार्यवाही संबंधित लंबित का निवारण अनिवार्य व अपेक्षित होगा. बैठक में मौजूद मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय सामान्य प्रशासन विभाग बिहार से संबंधित उप सचिव राज्यवर्धन ने संबोधित करते कहा कि अनुशासनिक कार्यवाहियों के स्थापित नियमों के अनुसार तत्संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना सरकार के प्राथमिकताओं में से एक है. इसका पर्यवेक्षण निदेशालय स्तर से किया जाना है. इसी को दृष्टि में रखते तत्संबंधी नियमों के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदेश्य अनुशासनिक कार्यवाहियों के सम्यक निष्पादन को अपेक्षित गति प्रदान करना है. बैठक में आयुक्त के सचिव दिनेश लाल दास, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन संजीव कुमार चौधरी, अपर समाहर्ता विभागीय जांच गणेश कुमार, अपर समाहर्ता निशांत एवं मधेपुरा, सुपौल से संबंधित अपर समाहर्ता सहित अन्य संबंधित मौजूद थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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