बिहार में महिलाओं के लिए इंडस्ट्रियल बूम, पटना समेत इन 10 जिलों में नौकरी के साथ मिलेगा हॉस्टल

Bihar News: बिहार सरकार ने महिलाओं को औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार देने और उनके रहने की विशेष व्यवस्था करने के लिए एक नई योजना शुरू की है. पहले चरण में 10 स्थानों पर 2000 महिलाओं को नौकरी और आवास की सुविधा मिलेगी.

Bihar News: बिहार में पहली बार महिलाओं को फैक्ट्री और औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार देने के साथ ही उनके रहने की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी. उद्योग विभाग ने महिलाओं की सुविधा के लिए औद्योगिक क्षेत्रों और उनके कार्यालयों के पास विशेष हॉस्टल के निर्माण की योजना बनाई है. पहले चरण में 10 स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां 2000 महिलाओं को नौकरी और आवास की सुविधा दी जाएगी. इन हॉस्टलों में 24×7 सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य केंद्र और सुगम यातायात की व्यवस्था भी होगी.

महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इस योजना के तहत महिलाओं को कपड़ा, बैग, प्लास्टिक, जूता, फर्नीचर, खिलौना, खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न फैक्ट्रियों में तकनीकी और सामान्य नौकरियों के अवसर दिए जाएंगे. यह पहल ‘स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ के तहत चलाई जा रही है. यदि यह योजना सफल रहती है, तो इसे राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू किया जाएगा. उद्योग विभाग का लक्ष्य पहले चरण में 1.50 लाख महिलाओं को रोजगार देना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी.

हॉस्टल निर्माण की योजना

बिहार के 9 जिलों में 10 स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे:

  • पटना: फतुहा और बिहटा (400 महिलाओं के लिए)
  • मुजफ्फरपुर: टेक्सटाइल क्लस्टर में हॉस्टल निर्माण
  • बक्सर: नवानगर में महिलाओं के लिए हॉस्टल
  • अन्य स्थान: औरंगाबाद, हाजीपुर, कुमारबाग (पश्चिम चंपारण), सकरी (मधुबनी), बेगूसराय, मरंगा (पूर्णिया) में भी हॉस्टल बनाए जाएंगे.

किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?

  • अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी.
  • 50,000 रुपये तक वेतन पाने वाली महिलाओं को यह सुविधा दी जाएगी.
  • आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए.

महिलाओं के लिए सुविधाजनक नौकरी का अवसर

बिहार सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुविधाजनक माहौल तैयार कर रही है. इस पहल के जरिए दूरदराज की रहने वाली महिलाओं को भी नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.

नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री, बिहार ने कहा कि, “राज्य में औद्योगिक विकास के साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना के सफल क्रियान्वयन से बिहार में महिलाओं के रोजगार में बड़ा बदलाव आएगा.”

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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