Swachh Survekshan 2025: मार्च में सर्वे के लिए पटना आएगी केंद्रीय टीम, इस बार नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे दोगुना अंक

Swachh Survekshan 2025: देशभर में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शनिवार को टूलकिट लांच हो गया. 2025-26 के लिए पटना भी पूरी तैयारी कर ली है. इस बार 12 हजार पांच सौ अंकों की रैंकिंग में कचरा प्रबंधन, गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष फोकस रहेगा. नगर निगम का लक्ष्य टॉप-20 में जगह बनाना और फाइव स्टार गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग हासिल करना है.

Swachh Survekshan 2025: देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में इस बार पटना भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने जा रहा है. आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को टूलकीट जारी कर दिया गया. इस बार की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखा गया है. इस बार शहर की रैंकिंग कुल 12 हजार पांच सौ अंकों के आधार पर तय होगी. स्कोरिंग मैट्रिक्स में अलग-अलग चरणों और मानकों को शामिल किया गया है.

स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल किए गए हैं. इनमें दृश्य स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन, स्वच्छता तक पहुंच, सफाई कर्मियों का कल्याण, शिकायत निवारण और जनभागीदारी जैसे अहम पहलू शामिल हैं.

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गलत डेटा पर लगेगी पेनाल्टी में कटेंगे अंक

इस बार सर्वेक्षण (Swachh Survekshan 2025) में गंगा घाटों, पर्यटन स्थलों और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों की स्वच्छता पर विशेष फोकस किया गया है. पटना के प्रमुख घाटों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था सीधे रैंकिंग को प्रभावित करेगी. वहीं, नगर निगम द्वारा यदि गलत जानकारी या बढ़ा-चढ़ाकर दावा किया गया, तो अंकों में कटौती की जाएगी. साथ ही स्कूल स्तर पर स्वच्छता आकलन को भी सर्वेक्षण में शामिल किया गया है.

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मार्च में शुरु होगा फील्ड अस्सेमेंट

मालूम हो कि पटना मिलियन सीटीज की श्रेणी में आता है. इस बार सिटिजन फीडबैक एंड शिकायत निवारण की मार्किंग को दोगुना किया गया है. पिछले साल 500 नंबर की मार्किंग की जाती थी, जबकि इस बार एक हजार नंबर पर मार्किंग होगी. पहले दो चरणों में फोन कर नागरिकों का फीडबैक लिया जाता है. तीसरे चरण में डेस्कटप असेसमेंट का काम किया जायेगा. जबकि, चौथे चरण में ऑन फील्ड असेसमेंट किया जायेगा. केंद्र की टीम पटना में मार्च 2026 में फील्ड असेस्मेंट शुरु कर देगी.

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इन पांच प्वाइंट में समझें सिटीजन फीडबैक क्यों है जरूरी

– शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आती है.
– नागरिकों की राय से यह आकलन होता है कि स्वच्छता सेवाएं पूरे साल नियमित और प्रभावी हैं या नहीं.
– कचरा प्रबंधन और स्वच्छ व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करता है.
– नगर निकायों की जवाबदेही बढ़ती है और लापरवाही पर लगाम लगती है.
– सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाकर स्वच्छ शहर के लिए साझी भागीदारी मजबूत करता है.

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कैसे होगा सर्वे में मूल्यांकन

स्वच्छ सर्वेच्छण 2025-26 (Swachh Survekshan) में अंक का मूल्यांकन तीन प्रकार से बांटा गया है. इसमें ओडीएफ/ओडीएफ+/ओडीएफ++/वाटर+ के लिए एक हजार अंक, गार्बेज फ्री सिटीज के लिए एक हजार अंक व ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक के लिए 10 हजार 500 अंक निर्धारित किये गये हैं. ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक को भी चार फेज में बांटा गया है. चारों फेज में सर्वे के बाद अंक दिए जायेंगे.

बेहतर कचरा प्रोसेसिंग करना रहेगी चुनौती

साल 2025 के लिए अलग-अलग कर कचरा प्रोसेस करना भी चुनौती है. पिछले सर्वेक्षण में बिना अलग किए घरों से निकलने वाले कचरा व कचरों का निस्तारण सही से नहीं होने से रैंकिंग में मार्क्स कम मिले. लेकिन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए आइसी एक्टिविटी शुरु किया जायेगी. निगम की टीम सड़क पर कचरा फेंकने वालों को सड़क शत्रु के रूप में चिह्नित कर जागरूक करते हुए सार्वजनिक रूप से शहर को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलायी जायेगी.

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ठोस कचरा प्रबंधन व स्वच्छता जागरूकता पर सबसे अधिक अंक मिलेंगे

स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan 2025) में दृश्य स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता जागरूकता पर 15-15 सौ अंक निर्धारित किए गए हैं. वहीं कचरा संग्रहण, स्वच्छता सुविधाएं, अपशिष्ट जल प्रबंधन और संस्थागत व्यवस्था पर एक-एक हजार अंक मिलेंगे. जबकि, डी-स्लजिंग सेवाओं, सफाई कर्मियों के वेलफेयर और नागरिक फीडबैक पर पांच-पांच सौ अंक तय किए गये हैं.

मेयर सीता साहू ने क्या कहा?

सर्वे के लिए पूरी तैयारी है. डोर-टू-डोर कलेक्शन व कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कचरा कलेक्शन गाड़ियों की संख्या भी बढ़ायी जा रही है. इस बार पटना को पांच स्टार मिले व टॉप 20 के भीतर स्थान मिले इसकी कोशिश रहेगी.

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देश की टॉप 21 शहर की लिस्ट में शामिल है पटना

साल 2024-25 में पटना 10 लाख आबादी वाले 44 शहरों में 21 वें स्थान पर रहा. इस साल टॉप 20 के भीतर आने के लिए प्रयास किया जायेगा. जबकि, गार्बेज फ्री सिटी की श्रेणी में पटना को 3 स्टार रेटिंग का दर्जा मिला. जबकि, 650 जीवीपी प्वाइंट को हटाकर फाइव स्टार के लिए अप्लाई किया गया था.

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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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