Bihar News: (अनुराग प्रधान)
बिहार में स्टार्टअप कल्चर को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है. राज्य सरकार की ‘स्टार्टअप बिहार’ पहल के तहत 77 स्टार्टअप्स को कुल 4.41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की अनुशंसा की गई है. इससे राज्य में नवाचार, रोजगार और उद्यमिता को नया बल मिलने की उम्मीद है.
पटना में हुआ पिचिंग राउंड
20 से 25 मई के बीच विकास भवन, पटना में पर्सनल इंटरैक्शन मीटिंग यानी पिचिंग राउंड आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. उद्योग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद 77 स्टार्टअप्स को अलग-अलग वित्तीय सहायता योजनाओं के लिए चुना गया.
26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त की मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक 26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त के रूप में चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की अनुशंसा की गई है. वहीं 46 स्टार्टअप्स को दूसरी किस्त के तहत छह-छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी.
चार स्टार्टअप्स को मिलेगा पोस्ट-सीड फंड
राज्य सरकार ने चार स्टार्टअप्स को पोस्ट-सीड फंड सपोर्ट योजना के तहत चुना है. इन स्टार्टअप्स को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा एक स्टार्टअप को पेटेंट के लिए आईपीआर यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स प्रतिपूर्ति का लाभ देने की भी अनुशंसा की गई है.
सिर्फ फंड नहीं, पूरा सपोर्ट सिस्टम
स्टार्टअप बिहार के तहत उद्यमियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी जा रही है. सरकार की ओर से मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, आधारभूत सुविधाएं और इनोवेशन आधारित इकोसिस्टम का भी समर्थन दिया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है.
बिहार बन रहा उभरता स्टार्टअप हब
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ी है. निवेशकों की रुचि भी राज्य की ओर तेजी से बढ़ रही है. उद्योग विभाग का मानना है कि मजबूत नीतियों, संस्थागत सहयोग और युवाओं की भागीदारी की वजह से बिहार अब देश के उभरते स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है.
‘बिहार है तैयार’ अभियान को मिल रही मजबूती
राज्य सरकार ‘बिहार है तैयार’ अभियान के तहत उद्योग, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है. सरकार का दावा है कि आने वाले समय में बिहार स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा.
