पटना एयरपोर्ट से लापता हुआ शिवहर का सॉफ्टवेयर इंजिनियर, खोजबीन शुरू, क्या बोली पुलिस

Patna News: पटना एयरपोर्ट से शिवहर के 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर वेणु चैतन्य लापता हैं. वे बेंगलुरु में काम करते थे और दिवाली पर 16 अक्टूबर को पटना आए थे. शाम 6:34 बजे तक पिता से बात हुई, फिर मोबाइल बंद हो गया.

Patna News: बेंगलुरु में नौकरी करने वाला शिवहर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर वेणु चैतन्य (25) रहस्यमय ढंग से पटना एयरपोर्ट से लापता हो गया है. दिवाली की छुट्टियों में वह 16 अक्टूबर को इंडिगो की फ्लाइट से पटना आया था. लेकिन एयरपोर्ट से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया. तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है.

वेणु के पिता रामस्वरूप राय ने बताया कि बेटे से आखिरी बार शाम 6:34 बजे फोन पर बातचीत हुई थी. इसके बाद कॉल बंद हो गया. लगातार संपर्क न होने पर परिजनों ने 17 अक्टूबर को एयरपोर्ट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. देर रात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

दो बार रैपिडो बुक की, दोनों कैंसिल

वेणु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद रैपिडो ऐप से दो बार बाइक बुकिंग की, लेकिन दोनों बार बुकिंग कैंसिल हो गयी. पुलिस ने बुक किए गए ड्राइवर से भी पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिला. सीसीटीवी फुटेज में वेणु आखिरी बार एयरपोर्ट टोल गेट के पास चलते हुए नजर आया. उसके बाद वह कहां गया, यह अबतक रहस्य बना हुआ है.

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अपहरण की बात नहीं आये सामने

थानेदार जितेंद्र राणा ने बताया कि अबतक अपहरण की बात सामने नहीं आयी है. ऐसी कोई जानकारी या साक्ष्य भी नहीं मिले हैं, जिससे अपहरण का मामला लग रहा है. इंजीनियर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही उसके फेसबुक, इंस्टाग्राम और ईमेल अकाउंट की भी जांच की जा रही है ताकि किसी तरह का डिजिटल क्लू मिल सके.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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