'सत्ता के अहंकार की निशानी है', बंगला विवाद पर रोहिणी बोलीं- अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार

Rabri Devi Bungalow Row: पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर सियासत तेज हो गई है. राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने के बयान के बाद उनकी बेटी रोहिणी आचार्य भी खुलकर सामने आ गई हैं. उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है.

Rabri Devi Bungalow Row: पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब और ज्यादा गरमा गया है. 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने को लेकर राज्य सरकार और राजद आमने-सामने आ गए हैं. इसी बीच राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

रोहिणी आचार्या ने सरकार पर साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार. जनहित के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर है सम्राट चौधरी की सरकार. पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी को आवास से बेदखल करने का तुगलकी फरमान और आवास पर पुलिस भेजना लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार एवं बेजा दबंगई की निशानी है. अफसोसजनक है कि बेरोजगारी, महंगाई , भ्रष्टाचार , बढ़ते अपराध के फ्रंट पर पूरी तरह से निष्क्रिय साबित होती सम्राट चौधरी की सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने में पूरी सक्रिय है. ये शासन का कौन सा मॉडल है ? बेशक शासन का प्रतिशोध मॉडल.”

क्या है बंगला विवाद

विवाद पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर है, जहां फिलहाल राबड़ी देवी रह रही हैं. राज्य सरकार ने यह बंगला अब मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है. इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है.

सरकार पहले ही बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित कर चुकी है. इसके बावजूद लालू परिवार अभी तक नए आवास में शिफ्ट नहीं हुआ है.

राबड़ी देवी ने भी किया था विरोध

दिल्ली से पटना लौटने के बाद राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर सरकार चाहे तो फोर्स भेज दे, लेकिन वह आवास छोड़ने वाली नहीं हैं. राबड़ी देवी के इस बयान के बाद एनडीए और राजद के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है.

पहले भी दिया गया था नोटिस

यह पहली बार नहीं है जब राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए कहा गया हो. पिछले साल भी सरकार की ओर से उन्हें दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया गया था और 10 सर्कुलर रोड खाली करने का निर्देश दिया गया था. हालांकि उस समय भी लालू परिवार ने आवास नहीं छोड़ा था.

अब एक बार फिर सरकार ने नोटिस जारी करते हुए बंगला खाली करने को कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने इसके लिए समय सीमा भी तय की है.

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मंत्री लेशी सिंह ने क्या कहा

भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकारी आवास का आवंटन सरकार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का किसी सरकारी बंगले पर स्थायी अधिकार नहीं हो सकता. मंत्री ने उम्मीद जताई कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते राबड़ी देवी नियमों का सम्मान करेंगी और सरकार द्वारा आवंटित नए आवास में चली जाएंगी. राबड़ी देवी, रोहिणी आचार्या और सरकार के बीच बढ़ते इस टकराव पर बिहार की राजनीति की नजर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा गरमा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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