राबड़ी आवास विवाद में हम की एंट्री, मांझी के बंगले पर दी सफाई, कुशवाहा क्या बोले

Rabri Devi Bungalow Row: राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. हम पार्टी ने जीतन राम मांझी के आवास को लेकर स्थिति स्पष्ट की.

Rabri Devi Bungalow Row: पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर बिहार में चल रही भारी राजनीतिक उठापटक के बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने एक बयान जारी किया है. हम पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पटना वाले सरकारी आवास को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है.

पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से जारी किए गए इस बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इस समय पटना के 12 एम, स्टैंड रोड स्थित जिस सरकारी बंगले में रह रहे हैं, वह असल में उनके खुद के नाम पर अलॉट ही नहीं है.

पार्टी ने दावा किया है कि स्टैंड रोड वाला यह सरकारी आवास बाराचट्टी क्षेत्र की मौजूदा विधायक ज्योति देवी के नाम से नियमानुसार आवंटित किया गया है. जीतन राम मांझी को मौजूदा बिहार सरकार की तरफ से पटना शहर में कोई भी अलग से सरकारी आवास अलॉट नहीं किया गया है.

विपक्ष को दिया संदेश

हम पार्टी की तरफ से यह सफाई ऐसे समय पर सामने आया है, जब पटना के 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को लेकर सूबे की राजनीति में लगातार बयानबाजी तेज है. सरकार ने 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला अब कैबिनेट मंत्री नंद किशोर यादव को अलॉट कर दिया है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अभी भी इसमें जमी हुई हैं.

हम पार्टी ने अपने इस बयान के जरिए जनता और विपक्ष को यह सीधा संदेश देने की कोशिश की है कि उनके नेता जीतन राम मांझी सरकार की तरफ से किसी भी तरह की कोई अतिरिक्त या गैर-कानूनी सुविधा का फायदा नहीं उठा रहे हैं.

10 सर्कुलर रोड किसी नेता या परिवार की पैतृक संपत्ति नहीं: उपेंद्र कुशवाहा

10 सर्कुलर रोड वाले हाई-प्रोफाइल सरकारी घर को खाली करने से जुड़े राजनीतिक विवाद में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की भी एंट्री हो गई है. उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी आवास किसी खास व्यक्ति, उनके परिवार या फिर किसी एक राजनीतिक दल की निजी अथवा बपौती नहीं होता है. सरकार के पास पूरा अधिकार है कि वह नियमों के मुताबिक घरों का फेरबदल करे.

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राबड़ी देवी को आदेश का सम्मान करना चाहिए

कुशवाहा ने आगे कहा कि सरकार ने सभी नियमों और पूरी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड के बदले अब 39 हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास आवंटित किया है. यह पूरा निर्णय प्रशासनिक और कानूनी कायदों के तहत लिया गया है, इसलिए राबड़ी देवी और उनके परिवार को सरकार के इस फैसले का पूरा सम्मान करना चाहिए.

उपेंद्र कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा कि देश के कानून और प्रशासनिक व्यवस्था से ऊपर कोई भी रसूखदार व्यक्ति या कोई राजनीतिक दल नहीं हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने लालू परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे बंगले विवाद पर राबड़ी देवी जिस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल मीडिया के सामने कर रही हैं, वह बेहद आपत्तिजनक है और समाज में उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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