Patna Student Protest : राजधानी पटना में शुक्रवार को रोजगार और विभिन्न मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. गर्दनीबाग में पीएचडी धारक पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर डटे हैं. वहीं दूसरी ओर तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी) कार्यालय के बाहर एक्सरे तकनीशियन और ड्रेसर अभ्यर्थियों ने मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए घेराव किया है.
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गर्दनीबाग में अनशनकारियों की बिगड़ी तबीयत, दो अस्पताल में भर्ती
पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर राज्यभर से जुटे पीएचडी धारक 4 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं. शुक्रवार को अनशन के 11वें दिन अभ्यर्थियों की स्थिति नाजुक हो गई. भूख हड़ताल पर बैठे तीन अभ्यर्थियों में से दो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
वहीं अनशन पर डटे कुमुद ने बताया कि सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर और कमजोरी के बावजूद वे डटे हुए हैं. जब तक शासन स्तर से मांगों पर कोई लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अनशन खत्म नहीं होगा. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी जीवन प्रकाश ने धरनास्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर मांगें आगे बढ़ाई हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर से सीधी वार्ता नहीं हो सकी है.
बीटीएससी दफ्तर के बाहर छात्रों का हंगामा, मेरिट लिस्ट से बाहर करने का आरोप
उधर, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी) दफ्तर के बाहर एक्सरे तकनीशियन और ड्रेसर पद के अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया. मोहित कुमार गुप्ता सहित अन्य अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा पास करने, ई-ऑब्जेक्शन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (डीवी) में सफल होने के बावजूद अंतिम मेरिट लिस्ट से बिना कोई कारण बताए उनका नाम हटा दिया गया. प्रदर्शनकारी छात्र स्कोरकार्ड दिखाते हुए आयोग से लिखित स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं. यहां क्लिक कर पूरी खबर पढ़ें...
ड्रेसर अभ्यर्थियों ने भी जताई नाराजगी, भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल ड्रेसर अभ्यर्थियों का कहना है कि 12 अगस्त को जारी नोटिस में प्रोविजनल सर्टिफिकेट की तारीख जैसे तकनीकी आधार बताकर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि वे पहले क्वालीफाइड थे. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आयोग के अधिकारियों ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं की और समाधान नहीं निकाला, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने को बाध्य होंगे.
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