Patna News: राजधानी में आग लगी तो क्या होगा? 24 में से एक Fire Hydrant कर रहा काम

Patna News: पटना नगर निगम क्षेत्र में फायर सेफ्टी व्यवस्था चरमराई हुई है. 24 में से 20 फायर हाइड्रेंट (Fire Hydrant) खराब हैं, जबकि कुछ निर्माण कार्यों में हटा दिए गए. इससे आग लगने पर दमकल को भारी परेशानी हो सकती है. हैरानी की बात है कि पुराने हाइड्रेंट ठीक किए बिना लाखों खर्च कर नए लगाए जा रहे हैं.

By हिमांशु देव | January 15, 2026 1:30 AM

Patna News: पटना नगर निगम (PMC) क्षेत्र में लगे 24 हाइड्रेंट में से 20 खराब हो चुके हैं. इस पर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि दो हाइड्रेंट मेट्रो के निर्माण के कारण और एक सड़क निर्माण के कारण हटा दिया गया है, जबकि वीरचंद पटेल पथ स्थित वाटर बोर्ड का हाइड्रेंट चालू अवस्था में है. लाखों रुपये खर्च कर इन हाइड्रेंट (Fire Hydrant) को इसलिए लगाया गया था कि आग लगने के बाद अगर दमकल गाड़ियों का पानी खत्म हो जाये, तो उसे वापस फायर स्टेशन नहीं लौटना पड़े, बल्कि वह उन हाइड्रेंट की मदद से पानी लेकर घटनास्थल की ओर लौट जाये. इससे आग बुझाने में मदद मिलेगी.

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साथ ही किसी सरकारी निर्माण कार्य के लिए पानी की आवश्यकता पड़ेगी, तो वह हाइड्रेंट से पानी ले सके. भूतनाथ रोड सेक्टर-6 पानी टंकी में लगे हाइड्रेंट से ही पानी लेकर आइएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ रोड मेट्रो स्टेशन बनायेगये. लेकिन, उसके बाद वह खराब हो गया. हालत यह है कि एक ओर पुराने हाइड्रेंट को ठीक करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

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वहीं, दूसरी ओर नगर निगम 11 जगहों पर 1.23 करोड़ रुपये से नये हाइड्रेंट का निर्माण करा रहा है. एक नये हाइड्रेंट की लागत करीब 11 लाख 23 हजार 700 रुपये निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में स्वीकृत की गयी है. पुराने हाइड्रेंट (Fire Hydrant) को ठीक नहीं कराने के कारण अग्निशमन विभाग को निजी हाइड्रेंट के सहारे अपना काम करना पड़ताहै. साथ ही पानी भरने के लिए दमकल की गाड़ियों को वापस फायर स्टेशन आना पड़ताहै.

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कहीं निर्माण कार्य में हटा तो कोई लंबे समय से है बंद

1. मलाही पकड़ी पानी टंकी : यहां लगे हाइड्रेंट को मेट्रो स्ट्रेशन निर्माण के कारण हटा दिया गया है.
2. हनुमान नगर पानी टंकी : यहां पर स्थित हाइड्रेंट कई सालों से खराब पड़ाहै.
3. भूतनाथ रोड रोड सेक्टर-6 पानी टंकी : यहां पर लगे हाइड्रेंट से कई सरकारी निर्माण कार्य हुए हैं. लेकिन, यह कई साल से खराब पड़ाहै.
4. संदलपुर पानी टंकी : यहां लगा हाइड्रेंट खोजने से भी नहीं मिला.
5. हड़ताली मोड़ पानी टंकी : मछली मार्केट स्थित पानी टंकी के पास स्थित हाइड्रेंट को सड़कचौड़ीकरण के कारण हटा दिया गया है.
6. मौर्यापथ आशियाना : खाजपुरा स्थित कश्यप विवाह भवन के सामने अशोकपुरी चौराहे पर लगा हाईड्रेंट काम नहीं कर रहा है.
7. शेखपुरा मोड़ पानी टंकी : डीपीएस व मध्य विद्यालय के पास लगा एक हाइड्रेंट बेकार पड़ाहै.
8. रामपुर बाजार समिति रोड, बीएस कॉलेज दानापुर, नासरीगंज, चौधराना मोड़, मॉडल स्कूल, शाहपुर, दाऊदपुर, नया टोला दानापुर, रामजीचक, बीबीगंज, गोखुल पथ, ताराचक, खगौल हॉस्पिटल व गाड़ीखाना, खगौल में लगा हाइड्रेंट भी खराब है.

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इन जगहों पर लगेंगे नये हाईड्रेंट (Fire Hydrant)

1. वार्ड संख्या 29 अंतर्गत जक्कनपुर थाना रोड में आर्यभट्ट विवि और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के बीच
2. कंकड़बाग स्थित विकलांग अस्पताल के पास स्लम एरिया में
3. मलाहीपकड़ी चौक के पास पार्क के बगल में
4. बहादुरपुर सेक्टर-7 में प्ले फील्ड के पास स्लम एरिया में
5. नगर निगम कंकड़बाग अंचल के अंतर्गत टेंपू स्टैंड के पास
6. पाटलीपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास स्लम एरिया में
7. नेहरू नगर टैक्स भवन कार्यालय रोड स्थित नेहरू नगर के कोने पर स्लम बस्ती में
8. अदालतगंज-अमरनाथ रोड के बीच सीपीआइ क्वार्टर और नाले के कोने के पास खाली जगह पर
9. वार्ड 47 में बाजार समिति रोड स्थित सैदपुर हॉस्टल के सामने स्लम बस्ती में
10. काजीपुर रोड नंबर-2 पर अवर सचिव के आवासीय परिसर के नजदीक
11. लोहानीपुर स्थित आंबेडकर कॉलोनी में पार्क के सामने

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पटना के नगर निगम व नगर परिषद में हाईड्रेंड की संख्या
नगर निगम- 24
फुलवारीशरीफ नगर परिषद- 7
बुडको- 01
दानापुर नगर परिषद- 13

क्या कहते हैं जिला कमांडेंट व नगर आयुक्त?
अग्निशमन विभाग के जिला कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि हाइड्रेंट (Fire Hydrant) का उपयोग दमकल में पानी भरने के काम में लाया जाता है. लेकिन, अभी सरकारी हाइड्रेंट क्रियाशील नहीं है. उसे ठीक कराने के लिए विभाग से नगर निगम को हमेशा पत्राचार किया जाता है. वहीं, पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि निगम द्वारा स्थापित सभी फायर हाइड्रेंट को शीघ्र ही पूरी तरह चालू किया जायेगा. तकनीकी जांच करा लेते हैं. निगम का प्रयास है कि शहर के किसी भी हिस्से में आपात स्थिति के समय अग्निशमन व्यवस्था में कोई कमी न रहे.