कैमूर में खुलेगा मेडिकल कालेज अस्पताल, मोहनिया में बनेगा बाइपास

कैमूर में खुलेगा मेडिकल कालेज अस्पताल, मोहनिया में बनेगा बाइपास

By Prabhat Khabar News Desk | February 18, 2025 7:07 PM

प्रगति यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैमूर जिले के लिए 345.50 करोड़ की योजनाओं की घोषणा की संवाददाता,पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैमूर में मेडिकल कालेज अस्पताल खोले जाने की घोषणा की है. प्रगति यात्रा के दौरान मंगलवार को कैमूर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले की विकास और जरूरतों के हिसाब से कई घोषणाएं की. मुख्यमंत्री ने मेडिकल कालेज अस्पताल के अलावा अधौरा प्रखंड में डिग्री कॉलेज का निर्माण कराने तथा मोहनिया में बाइपास सड़क निर्माण की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि अधौरा में डिग्री कालेज खुल जाने से पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले छात्र-छात्राओं को लाभ होगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 345.50 करोड़ रुपये की कुल 169 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इसमें 233.29 करोड़ रुपये की 79 योजनाओं का शिलान्यास और 112.20 करोड़ रुपये की 90 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है. अधौरा प्रखंड में स्थित गांवों में सोन नदी से पेयजल की आपूर्ति की जायेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी-कोहिरा नदी लिंक परियोजना का विकास किया जायेगा.इससे बड़े क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी. मोहनिया में बाइपास के निर्माण से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि अधौरा पहाड़ स्थित पर्यटन स्थल सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा. करकटगढ़, तेल्हारकुंड एवं वंशीखोड में पर्यटकीय सुविधा का विस्तार होगा. कैमूर जिले में प्रेक्षागृह का निर्माण किया जायेगा. अधौरा प्रखंड में स्थित गांवों में सोन नदी से पेयजल की आपूर्ति की जायेगी. जमानिया गंगा जल लिफ्ट योजना के लिए यूपी सरकार से करेंगे बात मुख्यमंत्री ने कैमूर में स्पोर्टस कम्पलेक्स के निर्माण कराने, जमानिया गंगा जल लिफ्ट योजना को उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर क्रियान्वित करने तथा कैमूर जिो के मोहनिया, अधौरा, चैनपुर, रामपुर, चांद, कुदरा, भगवानपुर एवं नोआव में प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का निर्माण कराने की घोषणा की. यह रहे मौजूद मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. अतिरिक्त घोषणाएं 1. मोहनिया में नरौरा से सेमटिया गांव तक रोड 2.रामपुर प्रखंड के बगहींहेड से रामपुर पाली होते हुए नहर की सफाई मुख्यमंत्री ने इसदौरान अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि हमलोगों ने जब से बिहार में काम शुरू किया, तब से बिहार के प्रत्येक जिले में समय–समय पर जाकर हम विकास कार्यों को देखते रहें हैं. कहा कि हमने कैमूर जिले में कई जगहों पर जाकर विकास कार्यों को देखा है. प्रगति यात्र के शुरू होने से पहले अधिकारियों ने बैठक कर सभी जिलों के प्रमुख समस्याओं को चिन्हित कर लिया था. प्रगति यात्रा के क्रम में जिलों में जिन नये विकास कार्यों की घोषणा की जाती है, उन्हें कैबिनेट से स्वीकृति भी प्रदान की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर, 2005 से हमलोगों ने बिहार के विकास के लिए काम करना शुरू किया, तब से निरंतर हमलोग बिहार को आगे बढ़ाने में लगे हैं. उन्होंने दोहराया कि भाजपा के साथ हमारा पुराना रिश्ता आगे भी कायम रहेगा. 2005 से पहले बिहार की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि उन दिनों प्रदेश के क्या हालात थे, आप सब सभी इससे अवगत हैं. शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे. हिन्दू–मुस्लिम के बीच प्राय: झगड़े होते थे, जिसे हमने खत्म कराया. अब लोग अपनी आवश्यकता अनुसार जब जहां चाहें कहीं भी आ जा रहे हैं. बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है. हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमलोगों ने काफी सुधार लाया है. बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गये हैं. नियोजित शिक्षकों को बड़े पैमाने पर बहाली की गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे बिहार में विकास का काम हमलोग करा रहे हैं. बिहार का कोई भी इलाका विकास से अछूता नहीं है. हमलोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल–पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है, जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले छह घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर पांच घंटे किया गया है. सीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की बहाली की जा रही है. इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी मान्यता प्रदान की जा रही है. हमलोगों ने मदरसों को भी सरकारी मान्यता प्रदान की है और वहां पढ़ानेवाले शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है.

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