बिहार में यूपी सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट! गंडक पर 761 करोड़ की लागत से बनेगा पुल, जानिए क्या होंगे फायदे
Bihar News: बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर बड़ी सौगात मिलने जा रही है. बगहा के नौरंगिया के पास गंडक नदी पर 761 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनेगा, जिससे खड्डा और बगहा के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और आवागमन से लेकर पर्यटन तक को नई रफ्तार मिलेगी.
Bihar News: बिहार के बगहा पुलिस जिले के नौरंगिया के पास गंडक नदी पर जल्द ही एक भव्य पुल बनेगा. इस पुल के निर्माण पर 761 करोड़ रुपये खर्च होंगे. खास बात यह है कि पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कराया जाएगा. इस पुल के बनते ही उत्तर प्रदेश का खड्डा क्षेत्र सीधे बिहार के बगहा से जुड़ जाएगा. इससे दोनों राज्यों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.
खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने बताया कि यूपी सरकार ने खड्डा से नौरंगिया को जोड़ने के लिए गंडक नदी पर पुल निर्माण को मंजूरी दे दी है. जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पुल वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा.
यूपी के 5 गांवों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
पुल के निर्माण से उत्तर प्रदेश के पांच गांवों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. ये गांव नौरंगिया क्षेत्र के पास स्थित हैं, लेकिन प्रशासनिक रूप से उत्तर प्रदेश में आते हैं. अब तक इन गांवों के लोगों को अपने ही मुख्यालय खड्डा पहुंचने के लिए बिहार के रास्ते नौरंगिया होकर जाना पड़ता था. इससे लोगों को काफी परेशानी होती थी.
यूपी के जिलों में आसानी से पहुंचेंगे बिहार के लोग
पुल बनने के बाद इन गांवों के लोगों को सीधे और आसान रास्ते से खड्डा पहुंचने की सुविधा मिलेगी. इससे समय और दूरी दोनों की बचत होगी. साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी निगरानी और विकास कार्यों में आसानी होगी. सरकारी योजनाओं का लाभ अब तेजी से इन गांवों तक पहुंच सकेगा.
इस पुल का फायदा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा. बिहार के लोगों को भी खड्डा और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आने-जाने में सहूलियत होगी. व्यापार, रोजगार और सामाजिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा.
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन के लिहाज से भी यह पुल काफी अहम साबित होगा. उत्तर प्रदेश का सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य और बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) इस पुल से और करीब आ जाएंगे. यूपी और बिहार के अलग-अलग जिलों से पर्यटक इन जगहों तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.
Also Read: नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की डेट फाइनल, पूरे बिहार का दौरा कर कामकाज की जमीनी हकीकत देखेंगे सीएम
