बिहार के 15 विश्वविद्यालयों के पुस्तकालय ऑनलाइन होंगे लिंक, यूजीसी एजेंसी और शिक्षा विभाग के साथ होगा MOU

Updated at : 12 Dec 2022 12:37 AM (IST)
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बिहार के 15 विश्वविद्यालयों के पुस्तकालय ऑनलाइन होंगे लिंक, यूजीसी एजेंसी और शिक्षा विभाग के साथ होगा MOU

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस एमओयू के जरिये प्रत्येक विश्वविद्यालय को ऑनलाइन पता होगा कि कौन -सी किताब किस विश्वविद्यालय में है. अगर वह किताब डिजिटाइज फॉर्म में नहीं है ,तो उस किताब को हासिल करने के लिए खुद विश्वविद्यालय दूसरे विश्वविद्यालय से लेकर किताब उपलब्ध करायेगा.

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बिहार के सभी 15 पारंपरिक विश्वविद्यालयों के सभी पुस्तकालयों को ऑनलाइन जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग यूजीसी – इन्फ्लिबनेट के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने जा रहा है. इस एमओयू में शिक्षा विभाग के अलावा सभी 15 विश्वविद्यालयों के कुलपति/कुलसचिव और यूजीसी-इन्फिलबनेट के निदेशक शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में एक समारोह में एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे.

एमओयू के लिए आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर होंगे. राजभवन स्थित दरबार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह , राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव आरएच चौंग्थू समेत सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति , कुलसचिव और बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस एमओयू के जरिये प्रत्येक विश्वविद्यालय को ऑनलाइन पता होगा कि कौन -सी किताब किस विश्वविद्यालय में है. अगर वह किताब डिजिटाइज फॉर्म में नहीं है ,तो उस किताब को हासिल करने के लिए खुद विश्वविद्यालय दूसरे विश्वविद्यालय से लेकर किताब उपलब्ध करायेगा. इस पर लगने वाला आर्थिक भार खुद विश्वविद्यालय वहन करेगा.

इस नई व्यवस्था के तहत किताबों का कैटलॉग बनेगा. विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इस सुविधा के लिए अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना होगा. इस तरह प्रदेश के विश्वविद्यालयों के रिसर्च स्कॉलर और शिक्षकों को इंटर लाइब्रेरी लोन की सौगात जल्दी ही मिलेगी.

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यह समूची कवायद यूजीसी गाइडलाइन पर की जानी है. इसके लिए विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों का स्वचालन सिस्टम बनाया जायेगा. इसमें किताबों के बारकोड आदि भी किये जायेंगे. इस समूची कवायद के बदले केवल एक बार विश्वविद्यालय को 30 हजार रुपये देने होंगे. यह पैसा विद्यार्थियों की जेब से नहीं जायेगा.

इसके अलावा शोध गंगा, शोध चक्र, इ-शोध सिंधु और शोध शुद्धि सिस्टम जैसे प्रभावी किये जायेंगे. फिलहाल इ- लाइब्रेरी से जुड़ी समूची कवायद शिक्षा विभाग और यूजीसी की सहयोगी संस्थान इन्फ्लिबनेट सेंटर गांधीनगर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किये जाने हैं.

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