Bihar Police: पासपोर्ट वेरीफिकेशन में बिहार पुलिस ने रचा इतिहास, देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस बलों में मिली पहचान

Bihar Police: पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट कार्य के लिए बिहार पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है. पहली बार विदेश मंत्रालय ने बिहार पुलिस को ‘सर्टिफिकेट ऑफ रिकग्निशन’ से सम्मानित किया है. यह पुरस्कार उन राज्यों की श्रेणी में मिला है जहां सालाना पांच लाख से कम पासपोर्ट जारी होते हैं.

Bihar Police: बिहार पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता में भी अव्वल है. पासपोर्ट वेरीफिकेशन कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बिहार पुलिस को पहली बार विदेश मंत्रालय की ओर से ‘सर्टिफिकेट ऑफ रिकग्निशन’ से सम्मानित किया गया है. यह उपलब्धि उन राज्यों की श्रेणी में है जहां सालाना पांच लाख से कम पासपोर्ट जारी होते हैं.

सम्मान की पहचान और तेज़ी की मिसाल

दिल्ली में आयोजित पासपोर्ट सेवा परियोजना सम्मेलन में आईजी (विशेष शाखा) राकेश राठी ने विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से यह सम्मान ग्रहण किया. विशेष शाखा के एडीजी सुनील कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि बिहार पुलिस औसतन 12 दिनों में एक पासपोर्ट सत्यापन का कार्य पूरा कर रही है और अब लक्ष्य इसे 10 दिन से कम करने का है.

लगातार बढ़ती दक्षता और पारदर्शिता

2024 में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना को बिहार पुलिस की ओर से 4,78,805 पासपोर्ट आवेदनों का सत्यापन भेजा गया था. बीते 5 वर्षों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिहार पुलिस को इस कार्य के लिए प्राप्त हुई है.

जिलावार दक्षता का भी रिकॉर्ड

राज्य के जिलों में आवेदन की संख्या में अंतर होने के कारण सत्यापन समय भी अलग-अलग है. उदाहरणस्वरूप, सीवान जिले में सत्यापन में औसतन 20 दिन लगते हैं, जबकि खगड़िया ने सबको पीछे छोड़ते हुए सिर्फ 5 दिन में सत्यापन कर रिकॉर्ड कायम किया है. अधिक व्यस्त जिलों में डिजिटल सिग्नेचर वाले पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाकर प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है.

अब बिहार में चिप वाला पासपोर्ट भी शुरू

बिहार पुलिस की तकनीकी दक्षता का एक और प्रमाण यह है कि 12 मई 2024 से पूरे राज्य में चिपयुक्त पासपोर्ट की सेवा शुरू हो चुकी है. इससे पासपोर्ट धारकों का पूरा विवरण एक स्मार्ट चिप में होगा, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. पुराने पासपोर्ट को भी इस सुविधा में बदला जा सकता है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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