Bihar News: (कृष्ण कुमार, पटना) राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि कामकाज में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी. बुधवार को विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कटिहार, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिले के राजस्व कार्यों की उन्होंने समीक्षा की. उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक तभी संभव है, जब मंत्री से लेकर फील्ड तक हर अधिकारी ईमानदारी से काम करे.
उन्होंने कहा कि जब विभाग का पूरा सिस्टम व्यवस्था सुधारने में जुटा है, तो फील्ड अधिकारियों की भी जवाबदेही बनती है. मंत्री ने कम रैंकिंग वाले जिलों और अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने अगले 15 दिनों में स्थिति सुधारने का निर्देश दिया.
ऑफलाइन काम करने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान मंत्री ने ई-मापी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया. उन्होंने साफ कहा कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन मोड में ही होगा. यदि कोई अधिकारी ऑफलाइन तरीके से काम करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों की मुख्यालय में मौजूदगी की नियमित जांच करें. साथ ही अंचलाधिकारियों के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा गया.
‘काम में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है’
मंत्री डॉ. जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी कार्यों में देरी ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी वजह बनती है. उन्होंने कहा कि आम जनता का भरोसा दोबारा जीतना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और यह तभी संभव है जब लोगों के काम तय समय पर पूरे हों.
उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने के लिए आर्थिक अपराध इकाई का एक विशेष सेल बनाया गया है और विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं.
कई योजनाओं और लंबित मामलों की हुई समीक्षा
बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का समय सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन और आरसीएमएस न्यायालयों में लंबित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई. मंत्री ने लंबे समय से लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का आदेश दिया.
जिलों की खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक की शुरुआत कटिहार जिले से हुई. मंत्री ने अप्रैल महीने की रैंकिंग और मनिहारी, बारसोई व कटिहार के भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कटिहार 23वें, पूर्वी चंपारण 25वें और गोपालगंज 16वें स्थान पर है, जबकि सभी जिलों को टॉप-10 में आने के लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए.
गोपालगंज जिले में थावे अंचल की रैंकिंग जहां पहले स्थान पर रही, वहीं विजयीपुर अंचल की रैंकिंग 485वीं आने पर मंत्री ने हैरानी जताई. उन्होंने जिलाधिकारी से पूछा कि एक ही जिले के दो अंचलों की कार्यशैली में इतना बड़ा अंतर क्यों है.
जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भी रही मौजूदगी
बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी शामिल हुए. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. कटिहार की समीक्षा में विधायक दुलाल चंद गोस्वामी, संगीता देवी और निशा सिंह मौजूद रहीं.
पूर्वी चंपारण की बैठक में विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह, बबलू गुप्ता, राणा रणधीर और श्याम बाबू यादव शामिल हुए. वहीं गोपालगंज की समीक्षा में विधायक मंजीत कुमार सिंह उपस्थित रहे. बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और आईटी सेल के कर्मचारी भी मौजूद रहे.
Also Read: पटना में तीन मंजिले मकान से कूदकर युवक ने दी जान, मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा खून से लथपथ शव
