Bihar News: (कृष्ण कुमार, पटना) राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है. यदि सरकारी जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम की जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार जल्द ही नया कानून लाने जा रही है.
मंत्री डॉ. जायसवाल गुरुवार को लगातार तीसरे दिन विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास और पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की. समीक्षा बैठक में उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की चेतावनी दी.
जमीन से जुड़ा हर काम होगा ऑनलाइन
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि जमीन से संबंधित सभी कार्य अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को दलालों एवं भ्रष्टाचार से राहत मिलेगी.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अंचल स्तर पर एक्टिव दलालों पर कड़ी नजर रखी जाए. साथ ही, भ्रष्टाचार पर निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई का विशेष सेल गठित किया गया है. मंत्री ने बताया कि विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी इस सेल की निगरानी में हैं.
भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य
डॉ. जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी योग्य भूमिहीन परिवारों को वास भूमि उपलब्ध कराना है. इसके लिए ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों का तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
15 दिनों में सुधार दिखाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान मंत्री ने पटना, सुपौल और रोहतास जिले की रैंकिंग एवं कार्य प्रगति का भी जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर स्पष्ट सुधार दिखाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी जिलों को टॉप-10 में स्थान बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना होगा. खासकर पटना जैसे महत्वपूर्ण जिले की रैंकिंग में हर स्तर पर सुधार जरूरी है. इसके लिए जिलाधिकारी और अपर समाहर्ता नियमित मॉनिटरिंग करें.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को लंबित मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा करने का निर्देश दिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी जुड़े रहे.
इसके अलावा बैठक में सचिव सीमा त्रिपाठी, विशेष सचिव इनायत खान, अपर सचिव प्रशांत सीएच, डॉ. महेंद्र पाल, आजीव वत्सराज, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप निदेशक मोना झा, उप सचिव संजय कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, अरविंद कुमार, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी और आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे.
