दो माह में मॉडल कैरियर सेंटर काम करने लगेगा
एक सेंटर पर खर्च होंगे 50 लाख रुपये पटना : केंद्र की कौशल विकास योजना के तहत राजधानी पटना सहित मुजफ्फरपुर और भागलपुर में खुला मॉडल कैरियर सेंटर दो माह में पूरी तरह काम करने लगेगा. अभी युवाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है. युवाओं के कैरियर काउंसेलिंग के लिए यह सेंटर खोला […]
एक सेंटर पर खर्च होंगे 50 लाख रुपये
पटना : केंद्र की कौशल विकास योजना के तहत राजधानी पटना सहित मुजफ्फरपुर और भागलपुर में खुला मॉडल कैरियर सेंटर दो माह में पूरी तरह काम करने लगेगा. अभी युवाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
युवाओं के कैरियर काउंसेलिंग के लिए यह सेंटर खोला गया है. एक सेंटर पर 50 लाख रुपया खर्च होना है. देश में 100 जगहों पर कैरियर काउंसेलिंग सेंटर खुलना है, तत्काल बिहार में तीन जगहों पर यह खोला गया है. तीनों जगहों पर श्रम संसाधन विभाग का अपना भवन है इसलिए जगह की कोई दिक्कत नहीं है.
पटना में जल्द ही यह सेंटर नियोजन भवन में काम करने लगेगा. अभी बीरचंद पटेल मार्ग में विभाग के कार्यालय में यह सेंटर चल रहा है. सेंटर खोलने के पीछे मकसद यह है कि युवा एक छत के नीचे अपने कैरियर से संबंधित जानकारी पा सकें. सेंटर में युवाओं को बताया जाता है कि उनकी बेरोजगारी कैसे दूर हो सकती है. युवाओं को सर्विस और ट्रेनिंग प्रोवाइडर के बारे में बताया जाता है.
सेंटर में युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के बारे में भी बताया जाता है. यहां आनेवाले युवाओं का पहले निबंधन होता और उन्हें नेट से जोड़ा गया है. सेंटर का कंसेप्ट है कि सेंटर में क्योसेक बना होगा जहां पर आकर युवा सूचना ले सकते हैं . सूचना के लिए नेट का प्रयोग कर सकेंगे. सारी सुविधा मुफ्त में होगी. इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का का शुल्क नहीं देना होगा. लेकिन अभी एेसा कुछ नहीं हो रहा है. पटना के बारे में बताया जा रहा है कि नियोजन भवन में जब सेंटर काम करने लगेगा तब सारी सुविधा मिलनी शुरू हो जायेगी.अभी राज्य के तीनों सेंटर में कितने युवा आते हैं इसकी भी कोई जानकारी नहीं है.
एक्सपर्ट को करनी है काउंसेलिंग
कैरियर काउंसेलिंग सेंटर में एक्सपर्ट को युवाओं की काउंसेलिंग करनी है. एक्सपर्ट सेंटर पर आनेवाले नौजवानों में पहले यह जानने का प्रयास करेंगे कि उनका रुझान किस तरफ है
फिर उसी को अनुसार उस फिल्ड की जानकारी दी जायेगी. एक्सपर्ट बतायेंगे कि उस फिल्ड में वो कैसे बेहतर कर सकते हैं. उस क्षेत्र में क्या संभावना है. युवा नेट से जुड़े होंगे, इसलिए उन्हें समय-समय पर उन्हें सूचना मिलती रहेगी. विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पहली बार इस तरह के सेंटर काम कर रहा है. एक-दो महीने में पूरी तरह काम करने लगेगा.
