‘बेटियां जीनियस बन रही हैं, अब शादी का खर्च लड़के वाले उठाएं’, दहेज पर पप्पू यादव ने दिया नया फॉर्मूला

Pappu Yadav: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दहेज प्रथा पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है. बेटियां जब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो शादी का खर्च लड़के वालों को उठाना चाहिए. उन्होंने महिलाओं के सम्मान और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की भी अपील की.

Pappu Yadav: पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने महिलाओं के सम्मान, बेटियों की उपलब्धियों और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. वह पूर्णिया में दरोगा बहाली में चयनित छात्राओं के सम्मान समारोह में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं की पूजा तो हमेशा की गई, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वे वास्तविक हकदार हैं.

पहले मां के नाम से पहचाना जाता था परिवार

अपने संबोधन में पप्पू यादव ने प्राचीन परंपराओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले समाज में मातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया जाता था. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास और पौराणिक कथाओं में लोगों की पहचान मां के नाम से होती थी. कुंती-पुत्र और कैकेयी-पुत्र जैसे संबोधन इसका उदाहरण हैं. उनके अनुसार, उस समय मां की पहचान परिवार और समाज के केंद्र में थी.

महिलाओं की स्वतंत्र पहचान पर जताई चिंता

सांसद ने कहा कि समय के साथ महिलाओं की स्वतंत्र पहचान कमजोर होती गई. उन्होंने कहा कि समाज ने महिलाओं को धार्मिक प्रतीकों तक सीमित कर दिया है. उन्होंने कहा कि काली और दुर्गा जैसी देवियों को छोड़ दें तो सीता, कौशल्या, मीरा और राधा जैसी महिलाओं की स्वतंत्र पहचान को उतनी प्रमुखता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी.

बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं पहचान

पप्पू यादव ने बेटियों की उपलब्धियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज लड़कियां शिक्षा, प्रशासन, खेल और अन्य क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. उनके मुताबिक, बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपनी प्रतिभा से समाज की सोच बदल रही हैं. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को पीछे धकेलने वाली सोच को पूरी तरह खत्म किया जाए.

दहेज, भ्रूण हत्या और भेदभाव खत्म करने की अपील

अपने संबोधन में उन्होंने कई सामाजिक कुरीतियों का जिक्र किया. उन्होंने दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, सती प्रथा, विधवाओं के प्रति भेदभाव और महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अपमानजनक शब्दों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करना जरूरी है.

दहेज प्रथा पर दिया नया फॉर्मूला

तिलक-दहेज के मुद्दे पर बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि अब समाज को अपनी सोच बदलनी होगी. उन्होंने कहा कि जब बेटियां पढ़-लिखकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं, तो शादी का पूरा खर्च लड़के वालों को उठाना चाहिए.

‘दहेज लेने वालों को सबक सिखाने का समय’

अपने चुटीले अंदाज में उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़के का पिता छिपकर भी दहेज लेता है, तो लड़की वालों को उसका विरोध करना चाहिए. उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं. खासकर युवाओं और छात्राओं में इसे लेकर काफी उत्साह देखने को मिला.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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