Nawada में लापता हुए तीन भाई, 35 करोड़ की ठगी का आरोप, चारों ओर हड़कंप

Nawada : एक साथ तीन सहोदर भाइयों के गाड़ी समेत अचानक लापता होने की शिकायत मिलते ही नवादा पुलिस अलर्ट हो गयी है.

Nawada: नवादा जिला के उग्रवाद प्रभावित सिरदला थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गांव की मेहरूनिशा नामक एक महिला ने सिरदला थाने में आवेदन देकर पति सहित तीन भाइयों के लापता हो जाने की शिकायत दर्ज करायी है. लापता तीनों भाइयों पर विभिन्न तरह से आमलोगों से 35 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस महकमा सहित सिरदला, रजौली, मेसकौर, नरहट व हिसुआ प्रखंड में हड़कंप मच गया है.

पुलिस महकमा अलर्ट पर

एक साथ तीन सहोदर भाइयों के गाड़ी समेत अचानक लापता होने की शिकायत मिलते ही नवादा पुलिस अलर्ट हो गयी है. पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर गठित विशेष टीम में शामिल रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार और सिरदला थानाध्यक्ष संजीत राम तीनों भाइयों की तलाश में में जुट गये हैं. पुलिस सूत्रों की मानें, तो शुरुआती जांच में पीड़ित महिला की शिकायत और टेक्निकल इनपुट में काफी भिन्नता पायी गयी.

लावारिस स्थिति में मिली गाड़ी

पीड़ित महिला के अनुसार, गाड़ी समेत तीनों लापता भाई पटना गये हुए थे, जबकि पटना शहर से पहले टोल प्लाजा पर जांच में गाड़ी समेत तीनों भाई पहुंचे ही नहीं हैं. सीडीआर के मुताबिक, तीनों भाइयों का लास्ट लोकेशन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पाया गया, जहां मोबाइल बंद हुआ था. हालांकि, वाराणसी पुलिस के मुताबिक, लापता तीनों भाइयों की गाड़ी रोहनिया थाना क्षेत्र में वाराणसी-इलाहाबाद हाइवे के सर्विस लेन से लावारिस स्थिति में बरामद हुई है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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