स्ट्रेचर पर घंटों पड़ा रहा जख्मी युवक, लेट से पहुंची एंबुलेंस

दावत से लौटते समय हुआ हादसा, तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पलटी

दावत से लौटते समय हुआ हादसा, तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पलटी प्रतिनिधि, रजौली. थाना क्षेत्र के डीह रजौली से दावत खाकर लौट रहे दो बुलेट सवार युवक शनिवार की रात सड़क हादसे का शिकार हो गये. यह घटना सिमरकोल के पास सर्विस लेन में बने ब्रेकर के समीप हुई, जहां तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पलट गयी. हादसे में दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गये. घायलों की पहचान सिरदला थाना क्षेत्र के महवतपुर गांव निवासी सुरेंद्र सिंह के पुत्र प्रिंस कुमार और विकास सिंह के पुत्र चुन्नू कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, दोनों युवक डीह रजौली गांव में आयोजित “बहुभात” कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना घटित हुई. घंटों तड़पता रहा घायल इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने दोनों घायलों को रजौली अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ सतीश चंद्र सिंहा ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये. एक घायल प्रिंस कुमार को तुरंत एंबुलेंस मिल गयी, जबकि दूसरे घायल चुन्नू कुमार को घंटों स्ट्रेचर पर पड़े रहना पड़ा. इस दौरान परिजन और ग्रामीण लगातार एंबुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना था कि एंबुलेंस व्यवस्था उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. अस्पताल की खुली पोल, व्यवस्था सिर्फ कागजों पर रजौली अनुमंडलीय अस्पताल 75 बेड क्षमता वाला और एनएच-20 की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रामा सेंटर से युक्त बताया जाता है. लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही है. अस्पताल में मौजूद तीन एंबुलेंस में से दो ही चालू स्थिति में हैं और एक खराब पड़ी है. इस घटना के समय एक एंबुलेंस पहले से ही अन्य मरीज को लेकर जा चुकी थी, जिसके कारण दूसरे घायल के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं था. बाद में ग्रामीणों की ओर से 104 नंबर और प्रभारी डीएस डॉ दिलीप से शिकायत किये जाने पर सिरदला पीएचसी से एंबुलेंस मंगायी गयी. तब जाकर घायल को पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल रेफर किया जा सका. स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश एनएच-20 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद ट्रामा सेंटर का प्रभावी संचालन न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करता है. महवतपुर, डीह रजौली और आसपास के ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ट्रामा सेंटर केवल कागजों पर चल रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस और इलाज दोनों नहीं मिल पा रहे हैं. ग्रामीणों में बबलू सिंह, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, मुरारी सिंह और बिक्कु सिंह समेत कई लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द सुधार नहीं किया, तो ऐसी घटनाएं लगातार जानलेवा साबित होती रहेंगी.

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Published by: Kr manish dev

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