कृषि के नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों व योजनाओं की मिल रही जानकारी

गोविंदपुर प्रखंड में चल रहा है विकसित कृषि संकल्प अभियान

गोविंदपुर. विकसित कृषि संकल्प अभियान प्रखंड के किसानों के लिए एक नयी उम्मीद लेकर आया है. यह अभियान 29 मई से प्रारंभ होकर 12 जून 2025 तक चलेगा. अभियान का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को कृषि के नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं, नवाचारों व सतत खेती के तरीकों से अवगत कराना है. इस अभियान के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों व प्रशिक्षुओं की एक संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान कर रही है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत 31 मई को प्रखंड के धनपुरी, कुतरूचक व रटनी गांवों में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इनमें किसानों को ड्रोन तकनीक के माध्यम से खेती में लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने की विधियों की जानकारी दी गयी. इस तकनीक का प्रदर्शन करके किसानों को बताया गया कि कैसे ड्रोन के माध्यम से कम समय में, कम श्रम के साथ उर्वरक, कीटनाशक और बीज का छिड़काव किया जा सकता है. अभियान के अगले चरण में दो जून को दर्शन, विनोबा नगर और सोरहा गांव में प्रशिक्षण व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. इसमें किसानों को फसल चक्र, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, जैविक खेती, समेकित पोषण प्रबंधन आदि विषयों पर जानकारी दी जायेगी. इस अभियान में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पटना से आये वैज्ञानिकों की टीम भी सक्रिय भागीदारी कर रही है, जो किसानों की समस्याएं सुनकर वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध करा रही है. साथ ही किसानों के अनुभव, सुझाव व उनके द्वारा किये गये नवाचारों का भी प्रलेखन किया जा रहा है, ताकि इन्हें भविष्य में नीति निर्माण व अनुसंधान में उपयोग किया जा सके. अभियान में भाग लेने वाले प्रमुख अधिकारियों व प्रशिक्षुओं में शामिल प्रशिक्षु अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रजौली प्रशांत कुमार, प्रशिक्षु प्रखंड कृषि पदाधिकारी आकाश कुमार, कृषि समन्वयक ओंकार कुमार, सहायक तकनीकी प्रबंधक महताब आलम, अपूर्वा, राजनीश कुमार, किसान सलाहकार प्रदीप कुमार, रामाशीष कुमार आदि शामिल थे. यह अभियान न केवल किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह ””विकसित भारत”” के निर्माण में ””विकसित गांव”” की भूमिका को भी दर्शाता है. इस प्रयास से गोविंदपुर प्रखंड के हजारों किसानों को नयी प्रेरणा मिली है, और उन्हें विश्वास हो रहा है कि विज्ञान व तकनीक की मदद से वे अपनी खेती को लाभकारी बना सकते हैं. प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, प्रशिक्षण सत्रों में भाग लें, और अपने सवाल व अनुभव साझा करें ताकि कृषि को और भी उन्नत एवं टिकाऊ बनाया जा सके.

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Author: JAVED NAJAF

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