Nawada News : प्रखंड क्षेत्र की मोसमा पंचायत स्थित कोरमा गांव में पिछले चार दिनों से प्रभु श्रीराम की कथा का वाचन किया जा रहा है. गांव के ठाकुर स्थान स्थित युवा आदर्श क्लब के प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. कथा के चौथे दिन रविवार को श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक शिव विवाह महोत्सव की कथा सुनाई गई. प्रसिद्ध कथावाचक अजय जी महाराज ने उपस्थित श्रीराम भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया.
गृहस्थ जीवन की बेहतरी का संदेश देती है श्रीराम की कथा
कथावाचक अजय जी महाराज ने कहा कि श्रीराम की संपूर्ण कथा गृहस्थ जीवन को बेहतर बनाने का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि पवित्र सावन मास में श्री राघवेंद्र सरकार की कथा का श्रवण अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है. उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. भगवान श्रीराम भी बाबा भोलेनाथ को अपना इष्ट मानते हैं. जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ इस कथा को सुनता या गाता है, प्रभु उसके सत्कर्मों का फल प्रदान करते हैं.
शिव विवाह प्रसंग का किया गया विस्तार से वर्णन
कथा के मुख्य यजमान भोला शंकर पांडेय ने बताया कि महाराज श्री द्वारा सबसे पहले माता पार्वती के जन्म, ऋषि नारद द्वारा उनके नामकरण तथा भगवान शिव के ही उनके पति बनने की भविष्यवाणी का प्रसंग सुनाया गया. इसके बाद माता पार्वती की वन में तपस्या, सप्तऋषियों द्वारा उनकी परीक्षा, तारकासुर को प्राप्त वरदान, कामदेव दहन, माता रति को दिए गए वरदान तथा भगवान शिव के दूल्हा स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया गया.
श्रीरामचरितमानस से गृहस्थ जीवन को मिलता है मार्गदर्शन
कथावाचक ने कहा कि यदि व्यक्ति अपने गृहस्थ जीवन को बेहतर बनाना चाहता है, तो उसे श्रीरामचरितमानस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए. शिव विवाह महोत्सव का प्रसंग प्रेम, विश्वास, तपस्या, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देता है. श्रद्धालुओं ने कथा का भावपूर्वक श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया.
21 अगस्त को होगा कथा का समापन
कोरमा गांव में आयोजित श्रीराम कथा का समापन आगामी 21 अगस्त को होगा. कथा के शेष दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
