Nawada Pakribarawan Devi Mandir Pran Pratistha : नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड अंतर्गत धमौल बाजार में नव निर्मित देवी मंदिर में मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का रविवार को भव्य समापन हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच अंतिम दिन मां भगवती की पिंडी को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया. जैसे ही प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी हुई, मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं.
इस मौके पर महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों ने श्रद्धा भाव से मां भगवती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए मां से प्रार्थना की. पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और आस्था के रंग में डूबा नजर आया.
Nawada News : तीन दिनों तक गूंजता रहा भक्तिमय माहौल
तीन दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा. अंतिम दिन आचार्यों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा, पूजन, हवन और पूर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न कराया गया. हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुति दी और धर्म लाभ प्राप्त किया. वैदिक मंत्रों, शंखध्वनि और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा. जैसे ही अनुष्ठान अपने अंतिम चरण में पहुंचा, श्रद्धालुओं में मां भगवती के प्रथम दर्शन को लेकर खास उत्सुकता देखने को मिली.
Pakribarawan Devi Mandir : दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, व्यवस्था में जुटे स्वयंसेवक
प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए मंदिर नव निर्माण समिति और स्थानीय स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाल रखी थी. श्रद्धालु शांतिपूर्वक कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कर रहे थे और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे थे.
भक्तों ने नारियल, चुनरी, फूल-माला और प्रसाद अर्पित कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया. पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही.
भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
अनुष्ठान के समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया. इसमें धमौल बाजार समेत आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. भंडारे की व्यवस्था में समिति के सदस्य और स्थानीय युवा पूरे दिन सक्रिय रहे और श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे.
जनसहयोग से बना मंदिर, अब होगा नियमित पूजा-पाठ
मंदिर नव निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर क्षेत्र के लोगों के सहयोग और जनभागीदारी से तैयार हुआ है. प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना, आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. समिति ने इस सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं, ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और प्रशासन के प्रति आभार जताया.
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के सफल समापन के साथ धमौल बाजार का यह नव निर्मित देवी मंदिर अब श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में यहां धार्मिक गतिविधियां और बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल और मजबूत होगा.
