सामूहिक विवाह में एक साथ 11 जोड़ों ने लिये सात फेरे

Nawada News. प्रखंड के ऐतिहासिक सीतामढ़ी धाम में सोमवार को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन बेहद धूमधाम और सामाजिक सौहार्द के बीच किया गया.

सीतामढ़ी धाम में गूंजीं शहनाइयां

108 कन्याओं के विवाह का है लक्ष्य, अब तक 51 का हुआ रजिस्ट्रेशन

बैंड-बाजे के साथ निकली 11 दूल्हों की भव्य बारात, फूलों से हुआ स्वागत

कैप्शन- विवाह मंडप में मौजूद जोड़े. -शादी कराते कमेटी के लोग व पुजारी.

प्रतिनिधि, मेसकौर

प्रखंड के ऐतिहासिक सीतामढ़ी धाम में सोमवार को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन बेहद धूमधाम और सामाजिक सौहार्द के बीच किया गया. इस पुनीत अवसर पर प्रथम चरण में 11 कन्याओं का विवाह संपन्न कराया गया. इस भव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए कई जिलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. पूरा धाम मंगल गीतों और जयकारों से गूंज उठा. समारोह की सबसे खास बात 11 दूल्हों की एक साथ निकली भव्य बारात रही. सिर पर सेहरा सजाए दूल्हे जब सजे हुए वाहनों और बैंड-बाजे के साथ सीतामढ़ी की सड़कों पर निकले, तो नजारा देखने लायक था. बारात मंदिर परिसर से शुरू होकर यज्ञ स्थल और मुख्य गांवों से गुजरती हुई वापस कार्यक्रम स्थल पहुंची. रास्ते भर ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा कर बारातियों का स्वागत किया. बारात के बाद आयोजित ”समधी मिलन” की रस्म ने माहौल को और भी आनंदमय बना दिया.

108 कन्याओं के विवाह का संकल्प

आयोजक उपेंद्र राजवंशी ने बताया कि इस अभियान के तहत कुल 108 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 51 कन्याओं का पंजीकरण हो चुका है. सोमवार सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा. खबर लिखे जाने तक 11 जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया जा चुका था.

गणमान्य लोगों ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन सराय मुखिया राकेश कुमार, यज्ञ के यजमान सह करिसोवा पंचायत मुखिया विजय राजवंशी, समाजसेवी उपेंद्र राजवंशी और पवन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन बेटी सम्मान और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है.

बेटियों को विदा कर भावुक हुए आयोजक

बेटियों का हाथ पीला कर आयोजक और स्थानीय प्रतिनिधि भावुक नजर आए. आयोजक गोपालदास महाराज, पवन चौहान, लालजीत चौहान और प्रेम कुमार ने कहा कि भले ही उनकी अपनी पुत्री नहीं है, लेकिन इन बेटियों का कन्यादान करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है. वहीं सराय पैक्स अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है और ये सभी बेटियां उनकी अपनी बेटियों के समान हैं. उपहार और आशीर्वाद के साथ बेटियों को विदा किया गया.

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Published by: Manoj kumar

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