घेराबंदी कर दो धंधेबाज गिरफ्तार,चार बाइकें और 500 लीटर शराब जब्त

NAWADA NEWS.बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग की टीम लगातार सक्रिय है. इसी कड़ी में रजौली अनुमंडल के थाली थाना अंतर्गत दनियार गांव में शुक्रवार की दोपहर लगभग एक बजे विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है.

फोटो कैप्शन – जब्त शराब व बाइक के समीप खड़े ग्रामीण

थाली थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब धंधेबाजों में हड़कंप

प्रतिनिधि, रजौली

बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग की टीम लगातार सक्रिय है. इसी कड़ी में रजौली अनुमंडल के थाली थाना अंतर्गत दनियार गांव में शुक्रवार की दोपहर लगभग एक बजे विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है. गुप्त सूचना के आधार पर की गयी इस छापेमारी में टीम ने दो सक्रिय शराब धंधेबाजों को गिरफ्तार करने के साथ भारी मात्रा में देसी महुआ शराब और तस्करी में प्रयुक्त चार मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पूरी कार्रवाई फिल्मी अंदाज में हुई. उत्पाद पुलिस की घेराबंदी देख धंधेबाज शराब लदी बाइकें खेतों और सड़कों पर गिराते हुए जान जोखिम में डालकर तेज रफ्तार में भागने लगे. हालांकि उत्पाद एसआइ और उनकी टीम ने दौड़ लगाकर पीछा किया और दो धंधेबाजों को पकड़ने में सफलता हासिल की.

सटीक सूचना पर एसआइ प्रवीण कुमार की सफल घेराबंदी

यह कार्रवाई उत्पाद अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र के निर्देश पर समेकित जांच चौकी पर तैनात एसआइ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में की गयी. विभाग को सूचना मिली थी कि अकबरपुर थाना क्षेत्र के जयपुर और लक्ष्मणपुर मार्ग से शराब की बड़ी खेप ले जाई जाने वाली है. सीमित संसाधनों के बावजूद एसआइ प्रवीण कुमार ने तत्परता दिखाते हुए टीम के साथ दनियार गांव की घेराबंदी की. जैसे ही तस्करों का समूह वहां पहुंचा, उत्पाद पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. तस्करों की संख्या अधिक होने के बावजूद टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो धंधेबाजों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य भागने में सफल रहे.

जब्त सामग्री और गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान

मौके से उत्पाद पुलिस ने लगभग 500 लीटर अवैध देसी महुआ शराब बरामद की है. गिरफ्तार धंधेबाजों की पहचान अकबरपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी दीपक कुमार, पिता कैलाश ठाकुर, और मंटू कुमार, पिता रामाशीष शर्मा के रूप में हुई है. तस्करों के पास से कुल चार मोटरसाइकिलें भी जब्त की गयी हैं, जिनका उपयोग शराब की ढुलाई में किया जा रहा था. स्थानीय ग्रामीणों ने एसआइ प्रवीण कुमार की इस कार्रवाई की जमकर सराहना की है.

रेकी के जरिये संचालित हो रहा था तस्करी का नेटवर्क

घटना के प्रत्यक्षदर्शी दनियार गांव निवासी सुनील कुमार और बिपिन सिंह ने बताया कि शराब तस्करी का खेल रात के सन्नाटे में लगभग दो बजे शुरू होता है. धंधेबाज बेहद संगठित तरीके से काम करते हैं. मुख्य खेप निकलने से पहले दो बाइक सवार आगे जाकर रास्तों की रेकी करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं पुलिस तैनात न हो. रेकी करने वालों से क्लियर सिग्नल मिलने के बाद ही शराब से लदी बाइकें गंतव्य की ओर रवाना होती हैं.

लगातार कार्रवाई की मांग

इस कार्रवाई से दनियार गांव के लोगों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन शराब के पूर्ण खात्मे को लेकर संशय अब भी बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि उत्पाद विभाग की उड़नदस्ता टीम तो कभी-कभार आती है, लेकिन यदि थाली, अकबरपुर और गोविंदपुर थाने की स्थानीय पुलिस नियमित रूप से सक्रिय होकर छापेमारी करे, तभी इस धंधे पर प्रभावी रोक लग सकती है. लोगों का मानना है कि निर्माण स्थलों और परिवहन के मुख्य मार्गों पर कड़ी निगरानी से ही शराब तस्करी की कमर तोड़ी जा सकती है.

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Author: KR MANISH DEV

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