Raid in Bihar: 1 करोड़ का आभूषण, 1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी, छापेमारी के बाद DTO को अपने साथ ले गई टीम

Raid in Bihar: बिहार के नालंदा जिले के डीटीओ के घर विजिलेंस टीम की छापेमारी जारी है. टीम डीटीओ के घर को अंदर से बंद कर दस्तावेजों की जांच कर रही है. आय से अधिक संपत्ति का मामला बताया जा रहा है. पढ़ें पूरी खबर…

Vigilance Raid in Bihar: स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम ने आज (शुक्रवार) सुबह नालंदा जिला के परिवहन अधिकारी अनिल कुमार दास के किराए के मकान पर छापामारी की. पटना और नालंदा में मिलाकर विजिलेंस टीम की यह छापेमारी करीब 10 घंटे चली. इस दौरान डीटीओ अनिल कुमार दास के यहां से एक करोड़ की ज्वेलरी, पटना में डेढ़ करोड़ की प्रॉपर्टी के पेपर, 15 हजार कैश और महंगे जूते मिले हैं. विजिलेंस टीम की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले से जुड़ी बताई जा रही है. विजिलेंस की टीम डीटीओ को अपने साथ ले गई है. सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच विजिलेंस की दो गाड़ियां, जिसमें 6 लोग शामिल थे बिहारशरीफ स्थित डीटीओ के किराए के फ्लैट पर अचानक पहुंचीं. डीएसपी चंद्र भूषण सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने फ्लैट को अंदर से बंद कर जांच अभियान शुरू किया.

मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं

छापेमारी के दौरान मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. विजिलेंस टीम के अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे थे. बता दें, अनिल कुमार दास मूल रूप से जमुई जिले के रहने वाले हैं. नालंदा डीटीओ पद संभालने से पहले अनिल कुमार दास मुजफ्फरपुर में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के रूप में कार्यरत रहे हैं. विजिलेंस टीम की कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

सोने और हीरे के आभूषण बरामद

डीटीओ के खिलाफ पहले आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज हुआ था. उसी को लेकर यह छापेमारी की गई है. पिछले कई घंटों से यह छापेमारी जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम को सोने और हीरे के कई आभूषण बरामद हुए हैं. इसके अलावा पैतृक गांव जमुई में प्लॉट पर अपार्टमेंट निर्माण, पटना में प्लॉट और फ्लैट सहित कई दस्तावेज बरामद मिले हैं. इसकी जांच की जा रही है. विजिलेंस टीम के अलावा बिहार थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद है. SVU की टीम ने डीटीओ की गाड़ी का भी वीडियो बनाया, जिसे उनकी पत्नी इस्तेमाल करती थीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वो इस गाड़ी से जिम जाती थीं.

बीते महीने बेतिया DEO के ठिकानों पर में हुई थी छापेमारी

जनवरी महीने में निगरानी विभाग की टीम ने बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रजनीशकांत प्रवीण के आवास पर छापेमारी की. विजिलेंस की टीम सुबह DEO के बेतिया सरिसवा रोड स्थित किराए के मकान पर छापेमारी की. पश्चिम चम्पारण के जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के विरुद्ध उनके तीन ठिकानों पर विजिलेंस की स्पेशल टीम के छापामारी की. जिला शिक्षा कार्यालय, डीईओ के सरिसवा रोड स्थित आवास और एनएच 727 में यामाहा शो रूम के पास एक निजी ट्रस्ट कार्यालय पर छापेमारी हुई. आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिक्षक संगठनों में ने भी इनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे.

ALSO READ: IPS Swarn Prabhat: कौन हैं मोतिहारी एसपी IPS स्वर्ण प्रभात? विधानसभा में इनके नाम पर क्यों हुई चर्चा

ALSO READ: Bihar Four lane: बिहार को एक और फोरलेन की सौगात, 58 किमी लंबी सड़क पर हवा से बात करेंगी गाड़ियां

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >