बिहारशरीफ : बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारी अलर्ट हो जाएं. वरना निरीक्षण के दौरान गायब पाये जाने पर कार्रवाई की जद में निश्चित तौर पर आ जाएंगे. एेसे लोगों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य है कि जिले के सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था को और भी सुव्यस्थित करने का.
सिविल सर्जन डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ने बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में एक चिकित्सा पदाधिकारी समेत चार स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. इस कार्रवाई की जद में दो एएनएम भी आयी.
एक दिन में तीन अस्पतालों का निरीक्षण
सिविल सर्जन डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ने एक दिन में जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. यह निरीक्षण सीएस ने तीन जनवरी को किया था.
सीएस डॉ सिंह ने जिले के नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सा पदाधिकारी को बिना सूचना के ही अस्पताल ड्यूटी से अनुपस्थित पाया था. ड्यूटी से अनुपस्थित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रेम शंभू से सीएस डॉ सिंह ने इस बाबत जवाब तलब किया है. इसी तरह नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की ही एएनएम अर्चना कुमारी भी ड्यूटी से बिना सूचना की गायब पायी गयी. सिविल सर्जन डॉ सिंह ने चंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण उसी तिथि में किया. इस दौरान एएनएम कुंती कुमारी को ड्यूटी से बिना सूचना के गायब पाये.
अनुपस्थित अवधि के वेतन पर रोक
सिविल सर्जन डॉ.सुबोध प्रसाद सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गये उक्त सभी अस्पतालों के डॉक्टर व कर्मियों से इस बाबत जवाब तलब किया गया है. साथ ही उक्त लोगों के अनुपस्थित दिन के वेतन व मानदेय भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है.
उन्होंने बताया कि स्पष्टीकरण का जवाब यदि संतोषप्रद नहीं पाया गया तो अग्रतर कार्रवाई भी की जायेगी.सीएस डॉ.सिंह ने संबंधित पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि ससमय डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति अस्पताल में सुनिश्चित करायें. ताकी रोगियों को समय पर बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी जा सके.
