कनाडा जा रहा एयर इंडिया का विमान, 7 घंटे हवा में रहने के बाद क्यों वापस दिल्ली लौटा?

Air India : 19 मार्च को एयर इंडिया का बोइंग 777 200LR वैंकूवर, कनाडा के लिए उड़ान भरता है, लेकिन 14–16 घंटे की इस उड़ान के 7 घंटे पूरे करने के बाद विमान को वापस दिल्ली लौटना पड़ा, जबकि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी. दरअसल जो बोइंग कनाडा जा रहा था, उसे वहां लैंडिंग की इजाजत नहीं थी. यह समस्या कुछ उसी तरह की थी, जैसे की आपको कार चलाने का लाइसेंस तो है, लेकिन वह सिर्फ कार के लिए वैलिड है और आप ट्रक चलाते हुए कहीं जा रहे हैं.

Air India : दिल्ली से वैंकूवर (कनाडा) जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट को 7 घंटे से ज्यादा उड़ान भरने के बाद वापस लौटना पड़ा. फ्लाइट की वापसी के पीछे वजह यह बताया गया कि बोइंग 777 200LR एयरक्राफ्ट कनाडा के ऑपरेशन के लिए अप्रूव्ड नहीं था. अगर वह विमान कनाडा पहुंच जाता, तो उसे वहां लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलती. इसी वजह से फ्लाइट को वापस बुला लिया गया.

फ्लाइट के सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित

विमान की वापसी के संबंध में एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली से वैंकूवर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट ऑपरेशनल दिक्कत की वजह से और तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के हिसाब से दिल्ली लौट आई. इस एयरक्राफ्ट की लैंडिंग सुरक्षित रूप से हो गई. विमान के सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित थे, जिन्हें बाद में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के हिसाब से वैंकूवर रवाना किया गया. उन्होंने बताया कि विमान के यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई थी और उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश की गई. एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि यह विमान 4 घंटे तक हवा में रहने के बाद चीनी एयरस्पेस के ऊपर उड़ते हुए वापस लौट आया.

आखिर बोइंग 777 200LR को वापस क्यों आना पड़ा?

एयर इंडिया के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट को बोइंग 777-300ER एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करके ऑपरेट किया जाना चाहिए था, जिसके पास कनाडा में ऑपरेशन के लिए ज़रूरी अप्रूवल हैं. उन्होंने बताया कि बोइंग 777 200LR को कनाडा में ऑपरेट करने की इजाजत नहीं थी क्योंकि अप्रूवल बोइंग 300ER जैसे कुछ खास वेरिएंट के लिए होते हैं. अधिकारी ने बताया कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स ऑपरेट करने के लिए कई मंजूरियों की जरूरत होती है जो डेस्टिनेशन देश के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी जरूरतों से जुड़े एयरक्राफ्ट-स्पेसिफिक अप्रूवल शामिल हैं. यह विमान 7 घंटे तक हवा में रहा फिर इसकी वापसी हुई. यात्रियों को सुविधाएं भी देनी पड़ी, जिसमें नुकसान कुछ करोड़ का हुआ है.

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इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए क्या होना जरूरी है?

किसी इंटरनेशनल फ्लाइट को उड़ान भरने के लिए सही अप्रूवल की जरूरत होती है. साथ ही उसे सभी नियमों का पालन भी करना होता है. इंटरनेशनल फ्लाइट जब किसी एयरपोर्ट पर लैंड करता है, तो तैयारी भी उसी हिसाब से की जाती है, मसलन ग्राउंड स्टाॅफ, पार्किंग और मशीनें भी बोइंग के हिसाब से ही होती हैं. इसी वजह से विमान में सही कागजात और टेक्निकल अप्रूवल होना जरूरी होता है.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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