‘अगर ईरान से इतना प्यार है, तो वहां चले जाओ’, शिया मौलानाओं पर भड़के आसिम मुनीर, मचा बवाल

Iran War Pakistan Shia Asim Munir: पाकिस्तान के आर्मी चीफ के बयान पर बवाल मचल गया है. उन्होंने गुरुवार को शिया मौलानाओं से मुलाकात की. इस दौरान मुनीर ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों पर काफी नाराजगी जताई. उन्होंने यहां तक टिप्पणी कर दी कि अगर आपको ईरान से इतनी मोहब्ब्त है, तो वहां चले जाएं.

Iran War Pakistan Shia Asim Munir: ‘अगर आपको ईरान से इतना प्यार है, तो वहां चले जाओ.’ ये कहना है पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल आसिम मुनीर का. ईरान युद्ध की आग पाकिस्तान में साफ तौर पर महसूस की जा रही है. देश की 95-97 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, इसमें से 10-20 प्रतिशत लोग शिया संप्रदाय को मानने वाले हैं. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद पाकिस्तान में भी बवाल मचा. खासकर, 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में. 3 मार्च तक अलग-अलग घटनाओं में करीब 30 लोगों की मौत का दावा किया गया. इस घटना के सांप्रदायिक संबंधों को सुधारने के लिए 19 मार्च को एक हाई-प्रोफाइल इफ्तार  आयोजित की गई. लेकिन, यहां पर आसिम मुनीर ने पाकिस्तान के प्रमुख शिया उलेमाओं का काफी अपमान किया. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें फटकारा भी गया. 

इस घटना की ताईद पाकिस्तान के शिया मौलानाओं ने खुद किया. शिया धर्मगुरु अल्लामा आगा शिफा नजफी ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को इस्लामाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए सारी घटना बताई.  इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर ने गुरुवार, 19 मार्च को रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टरस (GHQ) में करीब एक दर्जन से अधिक शिया मौलानाओं से मुलाकात की. लेकिन इस दौरान मुनीर ने एक घंटे तक एकतरफा भाषण दिया, जबकि उलेमाओं को अपनी बात रखने या समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का मौका नहीं दिया. 

नजफी के मुताबिक, बैठक की शुरुआत में ही मुनीर ने अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने खास तौर पर गिलगिट बाल्टिस्तान में सेना की इमारत जलाने की घटना को अस्वीकार्य बताया. इस दौरान उनका लहजा काफी सख्त और आक्रामक था. इसके बाद नजफी ने कहा कि उनके मामा अमीर हयात को सेना का मेडल मिला है, पाकिस्तानी सेना में कई अन्य शिया अधिकारी सेवा दे रहे हैं और उनके अपने परिवार के लोग भी सेना में हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका गुस्सा कम नहीं हुआ. 

नजफी ने कहा कि अब शिया समुदाय से ‘ईरान चले जाने’ की बात की जा रही है, जबकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी इस्लामाबाद या कराची में किसी शिया ने किसी सैनिक की हत्या की है या इस तरह की क्रूर घटनाओं में शामिल रहा है. उन्होंने पूछा कि जिन लोगों ने ऐसी हिंसक हरकतें कीं, उनसे यह क्यों नहीं कहा गया, जबकि अब शिया समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

नजफी ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मुनीर ने पाकिस्तान-ईरान संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ईरान, सऊदी अरब पर हमला करता है, तो पाकिस्तान को उसकी रक्षा करनी होगी. उन्होंने इसके लिए पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान सऊदी अरब के समर्थन में कदम उठाएगा.

अन्य धर्मगुरुओं ने भी जताई आपत्ति

इस घटना से शिया नेतृत्व खुद को अपमानित महसूस कर रहा है. मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने कहा कि जनरल का लहजा और कुछ टिप्पणियां उनके पद के अनुरूप नहीं थीं. विवाद की जड़ जनरल मुनीर की एक टिप्पणी बताई जा रही है. अब्बास गर्देजी ने बाद में कहा कि पाकिस्तान को बनाने वाला भी मोहम्मद अली जिन्ना भी एक शिया था.

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को नजरअंदाज करते हैं. देश के संस्थापक और कई प्रमुख मुस्लिम लीग नेताओं के साथ-साथ आजादी के आंदोलन में वित्तीय सहयोग भी शिया समुदाय से मिला था. शिया नेताओं का कहना है कि मक्का, मदीना, इराक और ईरान जैसे धार्मिक स्थलों से उनका जुड़ाव सदियों पुराना है और यह पाकिस्तान के प्रति उनकी वफादारी के साथ पूरी तरह संगत है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर को को शिया धर्मगुरुओं के खुले विरोध का सामना करना पड़ रहा है. उनके ‘ईरान चले जाओ’ वाले बयान के बाद, अल्लामा सैयद अहमद इकबाल रिजवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘आपको खुद अमेरिका और इजरायल चले जाना चाहिए. आप पाकिस्तान नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप की सेवा करते हैं. आपने अमेरिकियों के लिए सरकारें बदलीं और आपके इस रुख की वजह से पाकिस्तान को नुकसान उठाना पड़ा है.’ उनका वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है. देखें-

मौलानाओं के गुस्से भरे बयानों से लगता है कि मुनीर की टिप्पणी शियाओं के धार्मिक और भावनात्मक जुड़ाव को देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठा रही है. एक और शिया धर्मगुरु अल्लाम नजीर अब्बास तकवी ने जनरल के रवैये पर हैरानी जताई.

उन्होंने कई बार बातचीत की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. उन्होंने कहा कि हमें डिनर के बाद बैठक का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सेना प्रमुख अचानक वहां से चले गए. इससे उलेमा के बीच असंतोष और बढ़ गया. शिया नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी निष्ठा इस्लाम और पाकिस्तान के प्रति है, न कि किसी एक विदेशी देश के प्रति.

ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध में अब ब्रिटेन की एंट्री, पूरी कर दी ट्रंप की मुंहमांगी मुराद, अब और रौंदा जाएगा शिया मुल्क!

ये भी पढ़ें:- ईरान ने डिएगो गार्सिया में US बेस पर किया हमला, करीब 4000 किमी दूर हिंद महासागर में दागी मिसाइल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >