कार्रवाई. नये कानून के तहत विभाग चला रहा अिभयान
सरकार की नयी शराब नीति के तहत पूर्ण शराबबंदी को पूरी तरह से लागू कराने के कार्य को जिला प्रशासन ने चुनौती के रूप में लिया है. चार अप्रैल से सभी तरह के शराब पर पाबंदी लागू होने की अधिसूचना जारी होने के बाद से अवैध शराब धंधेबाजों के खिलाफ उत्पाद विभाग के साथ पुलिस विभाग ने विशेष अभियान छेड़ रखा है, जो निरंतर जारी है.
बिहारशरीफ. मद्य निषेध को प्रभावी ढंग से लागू करने से जिला प्रशासन के अभियान का सकारात्मक असर दिखने लगा है. एक अप्रैल से देसी शराब एवं चार अप्रैल से भी तहर के शराब पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जिला प्रशासन के आलाधिकारी शुरू से ही गंभीर नजर आ रहे हैं.
अवैध शराब धंधेबाजों के विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान चलाने के साथ ही उनके विरुद्ध कई स्तर पर कार्रवाई की जा रही है.
उत्पाद विभाग व पुलिस विभाग की कार्रवाई में अब तक नये कानून के तहत 218 लोगों को जेल भेजा गया है. प्रतिबंध के बावजूद ग्राहकों को शराब आपूर्ति करने वाले तीन होटलों को सील करने के साथ ही उसे अधिग्रहित करने की कार्रवाई की जा रही है. इसके अलावा लगातार शराब बरामद होने व प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग नहीं करने वाले गांवों को चिन्हित कर उसपर सामुहिक जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन के सख्त रवैयसे शराब धंधेबाजों में हड़कंप देखा जा रहा है. हालांकि चोरी छिपे व प्रशासन की आंख में धूल झोंक कर दोगुणे व तिगुणा कीमत पर शराब की बिक्री का मामला अब भी प्रकाश में आ रहा है.
इस धंधे में ज्यादा रिस्क की पूी कीमत धंधेबाजों द्वारा शराब सेवन करने वाला से वसूली जा रही है. उत्पाद विभाग व पुलिस विभाग के अथक प्रयास के बाद भी शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लग पाया है. इसका सबसे बड़ा कारण लोगों के शराब सेवन की लत नहीं छुड़ा पाना तथा इसकी वजह से आम लोगों का सहयोग नहीं मिल पाना बताया जाता है.
