टंकी में लीकेज के कारण नहीं हो पाता है जल संग्रह
धराशायी हो चुके हैं रेलकर्मियों के आवास
स्टेशन से दूर रहना कर्मियों की मजबूरी
बिहारशरीफ : आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त बिहारशरीफ रेलवे जंक्शन पर एक तरफ जहां आधुनिकीकरण का प्रयास चल रहा है वहीं पेयजल जैसी सबसे बुनियादी जरूरत पर रेलवे द्वारा ध्यान नहीं दिये जाने से यात्रियों को हर रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है. रेलवे के कई दशक पुराने लोहे के जलमीनार में पानी संग्रह नहीं हो पाने के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लगे नलों से भी पानी आना बंद हो जाता है.
इसका मुख्य कारण है स्टेशन पर लगे वर्षो पुराने लोहे की टंकी में लिकेज होना. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कई बार उक्त टंकी की मरम्मत कराये जाने के बावजूद लिकेज बंद नहीं हो पाता है. टंकी में पानी जमा नहीं रह पाने के कारण प्लेटफार्म पवर चौबीसो घंटे पानी उपलब्ध नहीं रह पाता है. जल स्तर के नीचे चले जाने के कारण भी मोटर से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है.
रेलकर्मियों का आवास हो चुका है जर्जर :
बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कर्मियों के रहने के लिए स्टेशन परिसर के आस-पास ही लगभग एक दर्जन आवास बने हुए हैं. इन आवासों के काफी पुराने हो जाने के कारण लगभग 8 आवास धराशाई हो चुके है. मात्र चार आवास ही जीर्णशीर्ण अवस्था में खड़े हैं जिनमें कुछ कर्मी जैसे-तैसे अपना गुजारा करने को मजबूर हैं. सरकारी आवास के अभाव में अधिकांश रेलकर्मी शहर के निजी मकानों में रहकर अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं. स्टेशन से दूर आवासन की मजबूरी के कारण रेलकर्मियों को देर-सवेर ड्यूटी पर पहुंचने में काफी कठिनाई होती है.
क्या कहते हैं अधिकारी :
‘रेलवे स्टेशन पर लगे एक मात्र जलमिनार की टंकी में लिकेज होने की जानकारी मंडल रेल कार्यालय दानापुर को दी गई है. अभी तक इस पर विभाग द्वारा कोई कार्यवाई नहीं हुई हैं.”
एस के प्रदीप, स्टेशन मास्टर, बिहारशरीफ रेलवे जंक्शन
