बिहारशरीफ : मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की पावापुरी मोड़ शाखा के प्रबंधक प्रेम कुमार सिन्हा ने बैंक से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप में अपनी शाखा के वर्तमान व पूर्व कर्मियों के अलावा सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. गिरियक थाने में दर्ज करायी प्राथमिकी 245/2016 में बैंक मैनेजर ने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की पावापुरी मोड़ शाखा के प्रबंधक प्रेम कुमार सिन्हा ने बैंक से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप में अपनी शाखा के वर्तमान व पूर्व कर्मियों के अलावा सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. गिरियक थाने में दर्ज करायी प्राथमिकी 245/2016 में बैंक मैनेजर ने कहा है उसकी बैंक शाखा में 2012 में संजय कुमार नामक एक व्यक्ति ने खाता खुलवाया था.
संजय की खाता संख्या 74101700027054 में चार फीसदी की जगह 404 फीसदी ब्याज प्रतिवर्ष दिया गया है. खाताधारी के बैंक में दर्ज पत्ते पर वह उपलब्ध नहीं पाया गया है. बैंक प्रबंधक ने कहा कि बैंक की स्टाफ खुशबू कुमारी ने खुशी सिन्हा पति प्रतीक कुमार ग्राम, पोस्ट – ओरियावां, नालंदा के पत्ते पर एमबीजीबी की एकंगरसराय शाखा में बचत खाता संख्या 71560100174187 खुलवाया है. उस खाते में दिया वोटर आइकार्ड जाली है.
इस खाते के पहचान कर्ता दिलीप कुमार हैं. इस खाते में 30 जुलाई को पावापुरी की एमबीजीबी की शाखा से कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी करते हुए 40 लाख रुपये का ट्रांसफर किया गया. यह ट्रांसफर मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की आशानगर के आइपी नंबर 1015106103 के माध्यम से किया गया है. खुशी सिन्हा द्वारा बैंक की स्टाफ खुशबू कुमारी के पिता रामशरण प्रसाद के नाम से मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की
40 लाख रुपये की धोखाधड़ी…
रामभवन शास्त्र में एक बचत खाता संख्या 71910100047055 खोला गया है. इस खाते में भी कई बार ट्रांजक्शन किया गया है जिसमें से कई ट्रांजक्शन का वेरिफिकेशन प्रमोद कुमार चौधरी ने की, जो वर्तमान में एमबीजीबी की आशा नगर शाखा प्रबंधक के पद से निलंबित किये गये हैं.
प्राथमिकी में कहा गया है कि प्रमोद कुमार चौधरी के कार्यकाल में ही संजय कुमार नामक व्यक्ति का खाता बैंक की पावापुरी मोड़ शाखा में खोला गया था तथा आशा नगर शाखा से 40 लाख रुपये का ट्रांसफर भी किया गया है. एमबीजीबी की रामभवन शाखा में इनके द्वारा खुशबू कुमारी के खाते में हुए लेन देन का भी वेरिफिकेशन किया गया है. इस धोखाधड़ी में प्रमोद कुमार चौधरी एवं खुशबू कुमारी की संलिप्तता प्रतीत होती है.
इसके अलावा बैंक के कर्मियों सेवा निवृत प्रबंधक बीरेन्द्र कुमार, बैंक की आशा नगर के निलंबित अधिकारी, पुरुषोत्तम गिरि, बैंक कर्मी विश्व राज, बैंक की एकंगरसराय शाखा के कार्यालय सहायक आशीष प्रियदर्शी एवं सहायक प्रबंधक राकेश कुमार ने अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया. इस संबंध में गिरियक के थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस छानबीन में जुट गयी है. यह पूरा मामला फर्जीवाड़े व धोखाधड़ी का है. जिसे गहनता से जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि गलत तरीके से एक खाते पर ब्याज चार फीसदी की जगह 404 फीसदी दिया गया और 40 लाख रुपये ट्रांसफर से जुड़ा है.
एमबीजीबी के सात कर्मियों पर प्राथमिकी
एमबीजीबी की पावापुरी शाखा के प्रबंधक ने दर्ज करायी प्राथमिकी