अनुमंडल स्तर पर निबंधन के बाद दस्तवेज पर तसवीर लगाने का काम शुरू
दस्तावेज पर जमीन बेचने-खरीदने वाले के साथ ही निबंधन अफसर की लगेगी संयुक्त तसवीर
बिहारशरीफ. जमीन निबंधन कार्य को और फूल प्रूफ करने का काम शुरू कर दिया गया है. जमीन खरीदने व बेचने वाले के साथ ही अब अवर निबंधन अफसर की भी तसवीर लगेगी. इससे पहले जमीन की दस्तावेज पर सिर्फ खरीदने व बेचने वाले की ही तसवीर लगने की परंपरा थी.
सरकार के नये नियम के अनुसार जमीन निबंधन के बाद दस्तावेज पर अब निबंधन अफसर का भी तसवीर चिपका रहेगा. प्रथम चरण में अनुमंडलीय निबंधन कार्यालय में यह सिस्टम लागू कर दिया गया है. बाद में इस नियम को जिला स्तर पर लागू कर दिया जायेगा. नये नियम के लागू होने से कई फायदे होंगे. दस्तावेज पर जमीन खरीदने बेचने, खरीदने वाले के साथ अबर निबंधन की संयुक्त फोटो की जायेगी.
इस फोटो को दस्तावेज पर चिपका दिया जायेगा. इसके जरिये वैसे लोगों को चिह्नित करना आसान होगा, जिसने जमीन को बेचा है. जमीन रजिस्ट्री के बाद कभी -कभी यह शिकायत लोग करते है कि गलत व्यक्ति ने जमीन को बेच दिया है. बिचौलियों को पकड़ना आसान होगा.
बेचने वाले की तसवीर के साथ अफसर की तसवीर होने से अफसर की भी जवाबदेही बढ़ जायेगी. दस्तावेज पर तीनों की तसवीर होने से पहचान करना आसान होगा. साथ ही, अब अफसर और भी पारदर्शिता से अपने काम को निबटायेंगे. अफसर को समय सीमा में बांधने की योजना भी इस नियम से सफल होगा.
मॉडल डीड पर जमीनों की रजिस्ट्री: जिले में अप्रैल माह से मॉडल डीड पर जमीन निबंधन काम चल रहा है
मॉडल डीड पर जमीन निबंधन के लिए कार्यालय में काउंटर खोल कर लोगों को जानकारी दिये जाने के साथ डीड तैयार करने के बारे में भी कर्मी द्वारा बताया जाता है. मॉडल डीड पर जमीन निबंधन के काम से पहले लोग डरते थे. हालांकि इसके बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाने से लोगों की सोच बदली है. जमाने से चली आ रही परंपरागत तरीका कार्तिब द्वारा कैथी भाषा के स्थान पर अब सरल हिन्दी में लिखी गयी दस्तावेज को स्वीकार करने लगे है. जिसे पढ़ना व समझना सहज हैं. कैथी भाषा में दस्तावेज होने के कारण सभी लोग समझ नहीं पाते थे.
हर दिन होता है एक सौ दस्तावेजों का निबंधन
जिला व अनुमंडलीय निबंधन कार्यालय मिलकार प्रतिदिन एक सौ से अधिक जमीनों की रजिस्ट्री होती है. जिसमें सबसे अधिक बिहारशरीफ जिला मुख्यालय में जमीनों का निबंधन होता है.
