बिहारशरीफ : संक्रामक बीमारी टीबी से पीड़ित मरीजों पर स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी पैनी नजर रखें. ताकि लक्षण की पहचान होने के बाद उसका समय पर ट्रीटमेंट किया जा सके. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रवींद्र कुमार ने मंगलवार को बेन पीएचसी में जाकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों के साथ बैठक की. उन्होंने एएनएम से कहा कि अपने- अपने क्षेत्रों में जाकर टीबी के संदिग्ध मरीजों की पहचान सही तरीके से करें. लक्षण मिलने पर तुरंत उसे अस्पताल भेजें, ताकि समय पर बलगम की जांच कर बीमारी का पता लगाया जा सके.
बलगम जांच रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि होने पर संबंधित मरीजों का पंजीयन कर इलाज शुरू किया जाये. साथ ही लेप्रोसी के रोगियों पर भी नजर रखें. इसके सस्पेक्टेट मरीज मिलने पर भी उसकी जांच की जाये. इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अविनाश कुमार, एएनएम व आशा आदि मौजूद थे.
बाद में उन्होंने नूरसराय पीएचसी के डायरिया प्रभावित गांव किशुनपुर के मांझी टोले का दौरा कर रोगियों की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने घरों व आसपास क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा. साथ ही लोगों से ताजा पानी व उबाल कर पानी पीने की सलाह दी. साथ ही स्वच्छ व ताजा खाना खाने की सलाह दी.
