40 किसान पटना में मछली पालन के सीखेंगे तकनीक

आधुनिक तरीके से मछली पालन से अच्छी आमदनी इच्छुक किसान शीघ्र करें आवेदन जिला भूमि संरक्षण के प्रधान सहायक कुमार ने बताया कि इसके लिए इच्छुक किसान जो तालाब का निर्माण कर चुके हैं. वैसे लोग शीघ्र ही आवेदन कर इसका लाभ उठाएं. प्राप्त आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद सूची बनाकर पटना डीएनएस को […]

आधुनिक तरीके से मछली पालन से अच्छी आमदनी

इच्छुक किसान शीघ्र करें आवेदन
जिला भूमि संरक्षण के प्रधान सहायक कुमार ने बताया कि इसके लिए इच्छुक किसान जो तालाब का निर्माण कर चुके हैं. वैसे लोग शीघ्र ही आवेदन कर इसका लाभ उठाएं. प्राप्त आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद सूची बनाकर पटना डीएनएस को उपलब्ध करायी जायेगी. ताकि सूची के मुताबिक किसानों को ट्रेनिंग दी जा सके. आवेदन कार्यालय के कार्यपालक सहायक मो मुक्तकीम आलम के भी पास जमा कर सकते हैं. इस कार्यक्रम में चालीस किसानों को ट्रेनिंग देने की योजना है.
22 अगस्त से किसानों को पटना में ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो जायेगा. जो 31 अगस्त तक किसान मछली पालन के आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. जिला भूमि संरक्षण कार्यालय के प्रधान सहायक अमित कुमार ने बताया कि जिले के इच्छुक किसान प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए 14 अगस्त तक आवेदन कार्यालय में जमा करा सकते हैं.
बिहारशरीफ : नालंदा जिले के 40 किसान पटना में जाकर मछली पालन के बेहतर गुर सीखेंगे. दस दिनों तक उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा. यह ट्रेनिंग कृषकों के लिए आवासीय होगी. रहने से लेकर भोजन तक की सुविधा सरकार की ओर से उपलब्ध करायी जायेगी. 22 अगस्त से किसानों को पटना में ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो जायेगा.
जो 31 अगस्त तक किसान मछली पालन के आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. जिला भूमि संरक्षण कार्यालय के प्रधान सहायक अमित कुमार ने बताया कि जिले के इच्छुक किसान प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए 14 अगस्त तक आवेदन कार्यालय में जमा करा सकते हैं. इसके बाद ट्रेनिंग के लिए किसानों की सूची बनायी जायेगी. इसमें वैसे किसान ट्रेनिंग के लिए आवेदन करेंगे जो इस विभाग की ओर से तालाब का निर्माण अब तक कर लिये हैं.
हैदराबाद के विशेषज्ञ बतायेंगे टिप्स
पटना के डीएनएस में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मछली पालन के आधुनिक टिप्स हैदराबाद के मछली उत्पादक विशेषज्ञ देंगे. उन्हें मछली के उत्पादन से लेकर उसकी देखभाल तक के गुर बताये जायेंगे. ताकि किसान वहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर अच्छी तरह से मछली का पालन व उत्पादन कर सकें.
जब आधुनिक तरीके से किसान मछली का पालन करेंगे तो उत्पादन में भी आसानी तरीके से वृद्धि होगी. प्रधान सहायक अमित ने यह भी बताया कि ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद संबंधित किसानों को विभाग की ओर से प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया जायेगा. यह प्रमाणपत्र किसानों के लिए बहुपयोगी साबित होगी.

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