डॉक्टरों के आने से मरीजों को मिलेगा अच्छा इलाज
विभिन्न अस्पतालों में की गयी पोस्टिंग
स्वास्थ्य व्यवस्था होगी सुदृढ़
बिहारशरीफ : जिले में छह नये डॉक्टरों की बहाली गयी है. इन नवचयनित चिकित्सकों की जिले के विभिन्न अस्पतालों में पोस्टिंग की गयी है. जिले में छह नये डॉक्टरों के चयन के बाद अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ होगी.
इन चिकित्सकों का चयन जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से संविदा के आधार पर किया गया है. मेधा सूची के आधार पर इन डॉक्टरों का चयन किया गया है.
जुलाई माह में इन चिकित्सकों का जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से वाक इन इंटरव्यू लिया गया था. सरकार के निर्देशानुसार जिले में संविदा के रिक्त पदों पर इन सबों की बहाली हुई है.
नवचयनित एमबीबीएस चिकित्सकों को सात दिनों के अंदर पदस्थापित अस्पतालों में अपना योगदान देने का निर्देश सिविल सर्जन डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ने दिया है. निर्धारित तिथि तक योगदान नहीं करने वाले चिकित्सकों का नियोजन स्वत: रद्द समझा जायेगा. सभी पदस्थापित चिकित्सक संबंधित पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के समक्ष अपना मूल कागजात प्रस्तुत करेंगे.
उसके बाद पीएचसी के एमओआइसी के आदेशानुसार चिकित्सक अस्पताल में ड्यूटी करेंगे.
इन चिकित्सकों का हुआ चयन
डॉ गरिमा अनंत,डॉ प्रभाकर मनोज,डॉ अनितेश कुमार,डॉ प्रेम शंभु,डॉ गौतम व डॉ श्रीनिवास का चयन किया गया है. सरकार के निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से इन चिकित्सकों का संविदा पर चयन किया गया है. इन नवचयनित चिकित्सकों की पोस्टिंग विभिन्न अस्पतालों में कर दी गयी है. जिस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी थी वहां पर इनकी पदस्थापना की गयी है. योगदान देने के बाद मरीजों को इलाज कराने में काफी सहूलियत होगी. मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग बराबर प्रयासरत है. मरीजों को अच्छी सेवा मिले इसके लिए लगातार ठोस कदम उठाये जा रहे हैं.
इन अस्पतालों में किये पदस्थापित
डॉक्टर के नाम आवंटित अस्पताल
-डॉ. गरिमा चंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
-डॉ. प्रभाकर मनोज सदर अस्पताल बिहारशरीफ
-डॉ.अनितेश कुमार रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
-डॉ.गौतम एकंगरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
-डॉ.प्रेम शंभु नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
-डॉ. श्रीनिवास करायपरशुराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
क्या कहते हैं अधिकारी
नवपदस्थापित चिकित्सकों को पदस्थापित अस्पतालों में सात दिनों के दौरान योगदान देने को कहा गया है. निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर उनका नियोजन स्वत: रद्द समझा जायेगा.
डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ,सिविल सर्जन ,नालंदा
