त्रिपिटक की छपाई शुरू 55 साल बाद. नव नालंदा महाविहार देवनागरी में करा रहा मु्द्रण

केंद्रीय प्रिंटिंग प्रेस में होगा मुद्रण वीडियो कांफ्रेंसिंग से लैस होगा महाविहार खुलेगा लैंग्वेज लैब, जारी होगा एकेडमिक कैलेंडर बायोमिट्रिक से बनानी होगी हाजिरी नामांकन की ऑनलाइन सुविधा बहाल नालंदा (नालंदा) : 55 साल बाद बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का देवनागरी लिपि में नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्मुद्रण कराया जा रहा है. यह बौद्ध […]

केंद्रीय प्रिंटिंग प्रेस में होगा मुद्रण

वीडियो कांफ्रेंसिंग से लैस होगा महाविहार
खुलेगा लैंग्वेज लैब, जारी होगा एकेडमिक कैलेंडर
बायोमिट्रिक से बनानी होगी हाजिरी नामांकन की ऑनलाइन सुविधा बहाल
नालंदा (नालंदा) : 55 साल बाद बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का देवनागरी लिपि में नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्मुद्रण कराया जा रहा है. यह बौद्ध साहित्य का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है. इसमें भगवान बुद्ध के वचन समाहित हैं. 41 खंडों वाली इस ग्रंथ के उत्कृष्ट संपादन के कारण इसकी मांग विश्व के बौद्ध देशों में सर्वाधिक है. नव नालंदा महाविहार के रजिस्ट्रार डॉ. सुनील प्रसाद सिन्हा ने यह जानकारी शनिवार को दी. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के नये कुलपति मुकुंद लाल श्रीवास्तव की पहल से इसका प्रकाशन पहली बार सेंट्रल गवर्नमेंट प्रेस में कराया जा रहा है.
त्रिपिटक के सभी वॉल्यूम के पांच-पांच सौ प्रति के प्रकाशन का आदेश मुद्रणालय को दिया गया है. महाविहार के संस्थापक निदेशक डॉ. भिक्षु जगदीश कश्यप ने इस ग्रंथ का पहली बार 1956 में प्रकाशन कराया था. 1961 में इसका आखिरी बार प्रकाशन कराया गया. यह ग्रंथ पहले पालि भाषा में प्रकाशित थी, जिसकी लिपि सिंहली और वर्मीज थी. नव नालंदा महाविहार ने देवनागरी लिपि में इसका अनुवाद कर मुद्रण कराया गया. इसके पुनर्मुद्रण से काफी संभावनाएं बढ़ गयी हैं. अब इसके हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद के भी रास्ते खुल गये हैं. यह ग्रंथ पाठ्य सामग्री के साथ शोध सामग्री भी है. यह केवल महाविहार के लिए ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित होगी.
संस्कृति मंत्रालय की शिक्षण संस्थाएं जुड़ेंगी वीडियो कांफ्रेंसिंग से : भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय अंतर्गत देश में चार शिक्षण संस्थाएं संचालित हैं. इनमें उत्तर प्रदेश का तिब्बती संस्थान, सारनाथ, बिहार का नव नालंदा महाविहार, नालंदा, अरूणाचल प्रदेश का चिक्स और जम्मू कश्मीर का सीआईबीएस, लेह शामिल है. इन सभी संस्थानों को एक दूसरे से जोड़ने की कवायद संस्कृति मंत्रालय के सचिव एनके सिन्हा ने शुरू कर दी है. सभी शिक्षण संस्थानों को एक-दूसरे से जोड़ने की कवायद संस्कृति मंत्रालय के सचिव एनके सिन्हा ने शुरू कर दी है. सभी शिक्षण संस्थाओं में वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था की जा रही है. इन चार राज्यों की संस्थाओं को एक-दूसरे से जल्द ही जोड़ दिया जायेगा.
जारी होगा एकेडमिक कैलेंडर :
महाविहार का नया सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा. सत्रारंभ के पहले दिन महाविहार का एकेडमिक कैलेंडर जारी किया जायेगा. कुलपति एमएल श्रीवास्तव कैलेंडर जारी करेंगे, जिसमें साल भर के सभी क्रियाकलापों का उल्लेख रहेगा.
रिसर्च जर्नल का होगा प्रकाशन :
नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय में पहली बार रिसर्च जर्नल का प्रकाशन होगा. विवि के नये कुलपति मुकुंद लाल श्रीवास्तव ने यह निर्णय लिया है. इसकी तैयारी महाविहार में शुरू कर दी गयी है. जर्नल का प्रकाशन साल में एक या दो बार कराया जायेगा.
महाविहार में खुलेगा लैंग्वेज लैब :
नव नालंदा महाविहार में पहली बार लैंग्वेज लैब की स्थापना होगी. इस लैब को स्थापित करने की कार्रवाई महाविहार में आरंभ कर दी गयी है. इस लैब में अंगरेजी, हिंदी, चीनी, संस्कृत, तिब्बती आदि भाषाएं सिखायी जायेंगी.
अत्याधुिनक हो रहा नव नालंदा महाविहार डीम्ड िववि
लैपटॉप और डेस्कटॉप से लैस होंगे प्राध्यापक
नव नालंदा महाविहार के सभी 17 प्राध्यापकों को संस्थान की ओर से लैपटॉप के साथ डेस्कटॉप उपलब्ध कराया जायेगा. विवि के कुलपति के अनुसार 30 जून तक सभी प्राध्यापकों को यह सुविधा उपलब्ध करा देनी है. पहले किसी को लैपटॉप तो किसी को डेस्कटॉप की सुविधा उपलब्ध थी. कुलपति ने इस विसंगति को दूर करने का आदेश दिया है. जिनके पास लैपटॉप है, उन्हें डेस्कटॉप और जिनके पास पहले से डेस्कटॉप है उन्हें लैपटॉप उपलब्ध कराया जायेगा.
पटना से महाविहार तक लगेंगे होर्डिंग्स
नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पटना एयरपोर्ट से महाविहार और ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल तक आकर्षक होर्डिंग्स लगाये जायेंगे. विवि के वीसी के अनुसार पुरातात्विक स्थलों के होर्डिंग्स सड़क के किनारे लगाये जाते हैं उसी प्रकार भारत-चीन मैत्री के प्रतीक ह्वेनसांग स्मारक के भी होर्डिंग्स लगाये जायेंगे.
बायोमिट्रिक मशीन से बनेगी हाजिरी
नव नालंदा महाविहार में भी अब बायोमिट्रिक मशीन से हाजिरी बनेगी. प्राध्यापक, कार्यालय कर्मी और शिक्षकेत्तर कर्मी सभी को इस मशीन से हाजिरी बनानी होगी. यह नियम नये सत्र से शुरू होगा. विवि के नये कुलपति ने शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और कार्यालय कर्मियों के ससमय और नियमित उपस्थिति के लिए यह व्यवस्था की गयी है.
ऑनलाइन नामांकन की सुविधा
नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया को और सरल कर दिया गया है. पहले केवल यहां ऑफलाइन आवेदन डालने की सुविधा थी. विवि के नये कुलपति एमएल श्रीवास्तव ने इसे ऑनलाइन कर दिया है. इसे संस्कृति मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया है. इसके साथ नव नालंदा महाविहार में पढ़ाये जाने वाले सभी विषयों व विभागों के सिलेबस को भी ऑनलाइन कर दिया गया है.
अब विश्व के किसी भी देश के इच्छुक शिक्षार्थी यहां नामांकन के लिए ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. नामांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 जून है. एक जुलाई से छह जुलाई तक अलग-अलग विषयों की प्रवेश परीक्षा होगी. रिजल्ट 08 जुलाई को प्रकाशित किया जायेगा. 11 से 20 जुलाई तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 21 जुलाई से सत्र आरंभ हो जायेगा. इस बार नामांकन के समय ही छात्रों को पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी.

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