नहीं जायेंगे विदेश

खाने की थाली छीन लेता था सेठ : इलियास घर लौटने के बाद इलियास ने सुनायी आपबीती कहा-विदेशों में भारतीयों के साथ होता है अत्याचार इलियास की मां ने प्रभात खबर और डीएम के प्रति जताया आभार बिहारशरीफ : अब नहीं जायेंगे विदेश. अपने वतन, अपने घर में जो खुशी मिलती है, वह कहीं और […]

खाने की थाली छीन लेता था सेठ : इलियास
घर लौटने के बाद इलियास ने सुनायी आपबीती
कहा-विदेशों में भारतीयों के साथ होता है अत्याचार
इलियास की मां ने प्रभात खबर और डीएम के प्रति जताया आभार
बिहारशरीफ : अब नहीं जायेंगे विदेश. अपने वतन, अपने घर में जो खुशी मिलती है, वह कहीं और नहीं. यह कहना है मो. इलियास का जो चार साल बाद सऊदी अरब के रियाद से बिहारशरीफ अपने घर लौटा है. घर आकर परिवार के सदस्यों के साथ वह बेहद खुश है. तबीयत नासाज रहने के बाद भी घर आकर एकदम चंगा महसूस कर रहा है. वह बताता है कि भारतीयों के साथ वहां काफी अत्याचार किया जाता है.
हालांकि यह भी कहता है कि सभी लोग ऐसे नहीं हैं. अपनी दास्तां सुनाते हुए उसकी आंख भर आती हैं.वह बताता है कि चार साल पहले परिवार की खुशी व तीन बहनों की शादी कराने के लिए पैसे कमाने सऊदी अरब के रियाद शहर गया था. वहां जाने के तीन माह के बाद से ही अत्याचार शुरू हो गया. रात-दिन काम लेने के बाद सेठ ने रुपये देना बंद कर दिया. मांगने पर मारपीट करने लगा. कुत्तेे से भी बदतर व्यवहार करता था और सामने से खाने की थाली छीन लेता था.
वह बताता है कि मेरे साथ भारत के कोने-कोने के 17 लोग वहां काम करते थे. सभी के साथ ऐसा किया जाता था. विरोध करने पर सेठ चोरी का केस कर जेल भेज देता था. कुल आठ बार जेल की यातना सेठ ने दिलायी. वह बताता है कि सेठ इस शर्त पर जेल से छुड़वाता था कि जैसे कहेगा वैसे काम करना होगा.
इलियास बताता है कि शुरू के दौर में जब भारतीय एम्बैसी में उसने शिकायत की तो वहां से भी पूरी मदद नहीं मिल सकी. यही कारण है कि चार साल तक वहां यातना झेलनी पड़ी. घर लौटने पर उसकी मां रजिया खातून, भाई आसिफ, इम्तियाज, सोनू, सभी बहन काफी खुश हैं. सभी का कहना है कि इम्तियाज सही सलामत लौट आया यही सबसे बड़ी संपत्ति हैं. वे लोग डीएम डॉ.त्याग राजन के प्रति भी आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि उनके सहयोग से ही इलिायस वापस लौट सका. परिवार के सदस्यों ने 26 अप्रैल को डीएम से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया था.
डीएम ने केंद्रीय विदेश व गृह मंत्रालय को लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था. इलियास की मां रजिया खातून ने कहा कि प्रभात खबर के प्रति भी आभारी हैं जिसने मामले को प्रमुखता से उठाया तथा इलियास को वापस लाने की राह दिखाया. वह कहती है कि परिवार के सदस्यों ने तो उम्मीद ही खो दी थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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