सुस्ती. जिले में 995 राजस्व गांवों में होना था विद्युतीकरण
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया है. इस योजना निर्धारित अवधि को जून 2016 तक बढ़ाया गया है. इस योजना के तहत अब तक जिले में करीब 70 फीसदी काम हुए हैं, जबकि 30 फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाने का काम अभी भी बाकी है. 30 फीसदी काम बाकी रह जाने से उसे इसी माह में पूरा करना कहीं से भी संभव नहीं दिख रहा है.
बिहारशरीफ. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले में 995 राजस्व गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था. पहले यह योजना राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के नाम से संचालित हो रही थी, जिसे बदल कर दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया है.
इस योजना निर्धारित अवधि को जून 2016 तक बढ़ाया गया है. इस योजना के तहत अब तक जिले में करीब 70 फीसदी काम हुए हैं, जबकि 30 फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाने का काम अभी भी बाकी है.
30 फीसदी काम बाकी रह जाने से उसे इसी माह में पूरा करना कहीं से भी संभव नहीं दिख पा रहा है. विद्युतीकरण कार्य में लगी एजेंसी द्वारा अब तक 70 फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिये जाने की रिपोर्ट विभाग को सौंपी गयी है, जिसमें से 60 फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाने के कार्य को विभाग ने टेक ओवर कर लिया है, जबकि 10 फीसदी काम को और अच्छी तरह से करने का निर्देश विभाग ने एजेंसी को दिया है.
विभाग ने एजेंसी को काम पूरा करने के लिए जून 2016 तक का समय दिया है. जून माह जारी है, ऐसे में शेष बजे 25 दिनों में बाकी बचे 300 गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा कर लेना संभव नहीं दिख रहा है. ऐसी स्थिति में निर्धारित समय सीमा को और बढ़ाये बिना सभी 995 राजस्व गांवों में बिजली पहुंचाना एजेंसी के कर्मियों के लिए काफी मुश्किल काम है.
क्या कहते हैं अधिकारी
” जिले में 995 राजस्व गांवों में योजना के तहत बिजली पहुंचायी जानी थी. अब तक 630 गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा हो चुका है. कार्य पूरा करने के लिए निर्धारित समय जून माह है, मगर इस अवधि में कार्य पूरा करने के लिए दिसंबर माह तक का समय मिलना जरूरी है. कार्य करने के लिए कर्मियों की कोई कमी नहीं है. एजेंसी का ध्यान कार्य करने के साथ उसे गुणवत्ता के साथ पूरा करना है. अधिक कर्मियों के रहने से उनकी मॉनीटरिंग करना मुश्किल हो जायेगा.”
गोरखनाथ जी, प्रोजेक्ट इंजीनियर, विद्युतीकरण
कर्मियों की कमी से जूझ रही एजेंसी :
विद्युतीकरण कार्य में लगी एजेंसी के पास उतनी संख्या में मजदूर व अन्य कर्मी नहीं है, जितनी होनी चाहिए. इसके कारण कार्य में तेजी नहीं आ रही है. विभाग के लाख प्रयास के बाद भी निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा हो पाना मुश्किल हो रहा है.
