परेशानी. पर्यटन क्षेत्र राजगीर व नालंदा ग्रिड को मिल रही फुल लोड बिजली
राजगीर व नालंदा ग्रिड को छोड़ कर शेष अन्य ग्रिडों में बिजली आपूर्ति की स्थिति यह है कि इन ग्रिडों से जुड़े एक पावर सब स्टेशन को चलाना भी मुश्किल हो रहा है. बिहारशरीफ स्थित बड़ी पहाड़ी ग्रिड को दोपहर को दोपहर 12 बजे के बाद से केवल 20 मेगावाट बिजली मिल रही है. ग्रिड को इतनी कम बिजली मिलने से एक पावर सब स्टेशन भी ठीक से नहीं चल पा रहा है.
बिहारशरीफ : जिले में पांच ग्रिड है. इन पांच ग्रिडों से जिले के 40 पावर सब स्टेशन जुड़े हुए हैं.
इन 40 पावर सब स्टेशनों से जिले के 20 प्रखंडों में बिजली की आपूर्ति होती है. पांच ग्रिडों में राजगीर, नालंदा, बड़ी पहाड़ी, एकंगरसराय व हरनौत शामिल है. राजगीर व नालंदा ग्रिड को छोड़ कर शेष अन्य ग्रिडों में बिजली आपूर्ति की स्थिति यह है कि इन ग्रिडों से जुड़े एक पावर सब स्टेशन को चलाना भी मुश्किल हो रहा है. बिहारशरीफ स्थित बड़ी पहाड़ी ग्रिड को दोपहर 12 बजे के बाद से केवल 20 मेगावाट बिजली मिल रही है.
ग्रिड को इतनी कम बिजली मिलने से एक पावर सब स्टेशन भी ठीक से नहीं चल पा रहा है. बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जुड़े पहाड़ी पावर सब स्टेशन की ही क्षमता 40 एमवीए, सोहसराय का 17 एमवीए, नूरसराय का 15 एमवीए व अस्थावां पावर सब स्टेशन का 10 एमवीए की क्षमता है. बड़ी पहाड़ी ग्रिड को केवल 20 एमबीए बिजली आपूर्ति होने से ग्रिड के कर्मियों द्वारा इस ग्रिड से जुड़े सी पावर सब स्टेशन को तीन एमवी किसी को चार एमवीए तो किसी को पांच एमवीए.
जिससे कि पावर सब स्टेशन को चालू रखा जा सके इसी प्रकार एकंगरसराय ग्रिड को 10 बजे दिन तक 10 मेगावाट बिजली मिली उसके बाद लोड सेडिंग के कारण बिजली आपूर्ति शून्य हो गया. कमोबेश यही स्थित हरनौत ग्रिड की भी रही. राजगीर व नालंदा ग्रिड पर्यटन क्षेत्र का होने के कारण यहां बिजली को कोई कमी नहीं है. इन दोनों ग्रिडों को फुल लोड बिजली मिल रही है.
बड़ी पहाड़ी ग्रिड को दोपहर 12 बजे के बाद से केवल 20 मेगावाट आपूर्ति
बिजली की कमी के कारण खेतीबारी पर पड़ रहा असर
गरमी से नहीं मिल रही राहत
खरीफ मौसम को लेकर किसानों को बिजली आपूर्ति जरूरी
ज्येष्ठ का महीना किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है. खरीफ मौसम की कम शुरुआत इसी माह से होती है. लंबी अवधी के धान के बिचड़े किसान इसी माह में खेतों में डालते हैं. बारिश तो हो नहीं रही है. किसानों की निगाह बिजली पर ही टिकी है. लोग इस आस में रहते हैं कि कब घंटा दो घंटा बिजली मिले जिससे कि धान का बिचड़ा डालने के लिए खेतों को तैयार कर सके. अगर बिजली नहीं मिलने से किसानों की आस पर पानी फिर रहा है.
ग्रिड से जुड़े पावर सब स्टेशन
ग्रिड सब स्टेशन क्षमता
राजगीर राजगीर 30 एमवीए
सिलाव 10 एमवीए
वेन 10 एमवीए
नालंदा नालंदा 23 एमवीए
रैतर 15 एमवीए
करणविगहा 10एमवीए
तेतरावां 10 एमवीए
बिंदीडीह 10 एमवीए
वादी 10 एमवीए
घोसतावां 10 एमवीए
कतरीसराय 10 एमवीए
बड़ी पहाड़ी बड़ी पहाड़ी 40 एमवीए
रामचन्द्रपुर 40 एमवीए
सोहसराय 35 एमवीए
नूरसराय 15 एमवीए
चेरन 10 एमवीए
कल्याणविगहा 10 एमवीए
एकंगरसराय एकंगरसराय 15 एमवीए
परबलपुर 15 एमवीए
हिलसा 20 एमवीए
इस्लामपुर 25 एमवीए
खुदागंज 10 एमवीए
चिकसौरा 10 एमवीए
मुशहरी 10 एमवीए
क्या कहते हैं अधिकारी
शुक्रवार को दस बजे तक 10 मेगावाट बिजली एकंगरसराय ग्रिड को मिल रही थी. मगर उससे बाद से लोड सेटिंग के कारण ग्रिड को बिजली आपूर्ति शून्य हो गयी है.
आरएन सिंह, विद्युत कार्यपालक अभियंता, एकंगरसराय
राजगीर व नालंदा ग्रिड को फिलहाल फूल लोड बिजली मिल रही है. दोनों ग्रिड पर्यटन क्षेत्र में अवस्थित होने के कारण उन्हें पर्याप्त बिजली की आपूर्ति की जा रही है.
रितु अभिषेक, विद्युत कार्यपालक अभियंता राजगीर
बड़ी पहाड़ी ग्रिड को गुरुवार को 45 मेगावाट बिजली मिली थी. शुक्रवार को 12 बजे के बाद से 20 मेगावट बिजली की आपूर्ति हो गयी है. इसके कारण सभी पावर सब स्टेशनों को थोड़ी थोड़ी बिजली बांट कर दी जा रही है.
मो. रिजवान अहमद, विद्युत कार्यपालक अभियंता बिहारशरीफ
एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर चालू
स्थानीय बड़ी पहाड़ी पावर सब स्टेशन में शुक्रवार को 10 एमवीए का नया ट्रांसफाॅर्मर लगा कर चालू कर दिया गया. इससे पावर सब स्टेशन की क्षमता 30 एमवीए से बढ़ा कर 40 एमवीए हो गया. एमआरटी की टीम ने 10 एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर की गहन जांच पड़ताल के बाद उसे चालू कर दिया. इस मौके पर एमआरटी के सहायक विद्युत अभियंता वकील सिंह, सहायक विद्युत अभियंता आपूर्ति प्रशांत भारती प्रसाद आदि मौजूद थे.
