कॉमर्शियल वाहनों को एटीएस पर देना होगा फिटनेस टेस्ट, मुंगेर प्रमंडल में नहीं है व्यवस्था
इंडिया ने कॉमर्शियल वाहनों का मैनुअल फिटनेस को बंद कर दिया है
मुंगेर जिले में बंद हो गया कॉमर्शियल वाहनों का मैनुअल फिटनेस, पटना या मुजफ्फरपुर का लगाना पड़ेगा दौड़
मुंगेरमुंगेर जिले में कॉमर्शियल वाहन रखने वाले मालिकों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. क्योंकि मिनिस्ट्रीय ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कॉमर्शियल वाहनों का मैनुअल फिटनेस को बंद कर दिया है. अब कॉमर्शियल वाहन मालिकों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) जाना पड़ेगा. लेकिन मुंगेर प्रमंडल क्या भागलपुर प्रमंडल में भी एटीएस सेंटर नहीं है. जिसके कारण मुंगेर के वाहन मालिकों को पटना या मुजफ्फरपुर की दौड़ लगानी पड़ेंगी.
जिले में अब नहीं होगा कॉमर्शियल वाहनों का फिटनेस टेस्ट
जानकारी के अनुसार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जिला परिवहन विभाग को 26 दिसंबर 2025 को एक पत्र प्राप्त हुआ. जिसके तहत मुंगेर जिले में कॉमर्शियल वाहनों का मैनुअल फिटनेस टेस्ट अब बंद हो गया. इससे पहले कॉमर्शियल वाहनों को फिटनेस टेस्ट के लिए डीपो लाया जाता था. जहां मैनुअल तरीके से वाहनों की फिटनेस टेस्ट होता था. जिसके बाद परिवहन कार्यालय से वाहन मालिकों को मोटर यान निरीक्षक (एमभीआई) द्वारा मैनुअल फिटनेस प्रामाण पत्र दिया जाता था. लेकिन यह व्यवस्था अब मुंगेर में पूरी तरह से बंद हो गया है.
एटीएस स्टेशन का पता नहीं, कैसे होगा फिटनेस टेस्ट
भारत सरकार ने कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच को पूरी तरह से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पर अनिवार्य कर दिया है. जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रदूषण तथा सड़क सुरक्षा में सुधार होगा. अब सभी कमर्शियल वाहनों (ट्रक, बस, टैक्सी, ऑटो) को रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए एटीएस से गुजरना होगा. जिसके लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और जीपीएस लोकेशन जैसे डिजिटल नियम भी लागू किये गये हैं. लेकिन मुंगेर प्रमंडल के छह जिलों में से किसी भी जिले में एटीएस स्टेशन नहीं है. सबसे सोचने वाली बात यह है कि भागलपुर प्रमंडल, पूर्णिया प्रमंडल में भी यह स्टेशन काम नहीं कर रहा है. इस परिस्थिति में मुंगेर जिले के कॉमर्शियल वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ने वाली है.
ऑटो जैसे छोटे वाहनों मालिकों की बढ़ेगी परेशानी
पटना और मुजफ्फरपुर में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की व्यवस्था है. बड़े वाहन ट्रक, बस को वहां ले जाकर टेस्ट तो करा लिया जायेगा. लेकिन ऑटो जैसे छोटे यात्री वाहन को मुंगेर से इतना दूर पटना व मुजफ्फरपुर तक वाहन को ले जाना मुश्किल हो जायेगा. इतना दूर वाहन ले जाने में छोटे वाहन मालिकों के जेब पर अधिक खर्च भी आयेगा.
फिटनेस नहीं रहने पर भरना पड़ता है जुर्माना
बताया जाता है कि बिना फिटनेस के वाहन सड़कों पर चलाना मुश्किल भरा है. क्योंकि फिटनेस नहीं रहने पर परिवहन विभाग और यातायात विभाग द्वारा 5000 रूपया जुर्माना वसूल किया जाता है. जबकि टोल पर भी ऑटोमेटेड मशीन लगा है, अगर कोई वाहन उस होकर गुजरेगी और उसका फिटनेस अवधी खत्म हो गया होगा तो वहां ऑटोमेटिक चालान कट जायेगा. बताया कि टोल पर फिटनेस प्रमाण पत्र की अवधी नहीं रहने पर वहां 10 हजार का जुर्माना कट जाता है.
कहते हैं एमवीआई
एमवीआई मो. जमीर आलम ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार से एक पत्र मिला है कि अब कॉमर्शियल वाहनों का एटीएस स्टेशन पर फिटनेस टेस्ट होगा. जिसके कारण यहां मैनुअल फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया बंद कर दी गयी है. एक सवाल के जबाव में उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले में एटीएस स्टेशन नहीं है.
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