औद्योगिक क्षेत्र विकास को लेकर चिन्हित जमीन की जांच के लिए पटना से पहुंची टीम
रैयत का सामाजिक आर्थिक विश्लेषण किया जा रहा है
असरगंज प्रखंड के बदरखा, बेराई, धुरिया, आरजी, जोरारी, खरभथुआ एवं पनसाय मौजा के लगभग 500 एकड़ भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है. इसके लिए राजस्व अधिकारी द्वारा लगातार सर्वे किया जा रहा है. लेकन इसमें कुछ किसानों द्वारा आपत्ति दर्ज की गई है. इसे लेकर मंगलवार को सामाजिक प्रभाव आकलन समूह अनुग्रह नारायण सिंह सामाजिक अध्ययन संस्थान पटना की बीस सदस्यीय टीम किसानों से मिलने के लिए असरगंज पहुंची. संस्थान के परियोजना निदेशक डॉ अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि मुंगेर जिला अंतर्गत असरगंज प्रखंड के सात मौजा में 500 एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र विकास के लिए चयनित किया गया है. इससे जितने भी प्रभावित रैयत हैं, सभी रैयत का सामाजिक आर्थिक विश्लेषण किया जा रहा है और जो उनके विचार होंगे एक रिपोर्ट के माध्यम से जिला समाहर्ता को प्रतिवेदित किया जायेगा. टीम में शामिल परियोजना निदेशक डॉ अवधेश कुमार, डॉ रणधीर कुमार, अमरेंद्र कुमार सहित अन्य असरगंज सात मौजों के रैयतों से वार्ता करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. जिससे असरगंज क्षेत्र में औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित जमीन का रास्ता साफ हो सके और इस क्षेत्र को औद्योगिक रूप में विकसित किया जायेगा. औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा और उद्योग-धंधों को बढ़ावा मिलेगा.
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