होली की मस्ती में डूबे लोग, कल उड़ेगा रंग-गुलाल

बाजार में किराना दुकानों के अलावा रंग व गुलाल की दुकानों में खरीदारों की उमड़ रही भीड़

मुंगेर. होली को लेकर बाजार में रंग, गुलाल, पिचकारी एवं अन्य सामान दुकानों में सजा हुआ है. चारों तरफ सिर्फ होली की ही धूम है. बाजार में किराना दुकानों के अलावा रंग व गुलाल की दुकानों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. इसके कारण बाजार में सोमवार को जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. मुंगेर व आसपास के क्षेत्र में बुधवार को होली मनेगा.

पंडितों के अनुसार दो मार्च की रात होलिका दहन किया गया. तीन मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक काल होने के कारण होली का पर्व चार मार्च को मनाया जायेगा. सोमवार की रात कई स्थानों पर होलिका दहन किया गया. शहर के प्राइवेट स्टैंड के समीप देर रात मारवाड़ी समाज ने पारंपरिक हर्षोल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया. बस स्टैंड और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में पूजा-अर्चना की और गोइठों से सजी होलिका जलायी, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह आयोजन सामाजिक एकजुटता और संस्कृति का संदेश देता है. इधर गांवों में भी जगह-जगह रात्रि में होलिका दहन किया गया.

दुकानदारों ने दिल्ली-कोलकाता से मंगाये समान

होली पर इस बार तरह-तरह की पिचकारी, टोपी तथा मुखौटा उपलब्ध है. गोल, चौकोर लंबी टोपियों का बाजार में काफी क्रेज है. होली पर चाइनीज सामान से भी बाजार भरा पड़ा है. रंग-बिरंगी पिचकारी, बांसुरी पिचकारी, पेंसिल पिचकारी, ड्रैकुला, टेडी वियर, एलियन, बाघ, शेर मुर्गों के मुखौटों की खरीदारी जम कर हो रही है. विक्रेताओं ने कहा कि दिल्ली-कोलकाता से होली के सामान मंगाये हैं. होली के बाजार में हर्बल रंग एवं गुलाल की डिमांड काफी बढ़ गयी है. हालांकि आम गुलाल एवं रंग की तुलना में हर्बल रंग एवं गुलाल कुछ महंगे हैं. हर्बल गुलाल को आकर्षक पैकिंग में देने वाली कंपनियों ने 500-500 ग्राम के पैकेट तैयार किये हैं. 40 ग्राम के पैकेट में भी गुलाल उपलब्ध है.

बाजार में बनी रही जाम की स्थिति

सोमवार को बाजार में होली को लेकर खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है. मुख्य बाजार के साथ ही बेकापुर, शादीपुर, कौड़ा मैदान में रंग,अबीर और पकवान की खरीदारी करते लोग दिखे. मुख्य बाजार की हालत काफी खराब रही. दिन भर जाम की स्थिति बनी रही. एक नंबर ट्रैफिक से लेकर गांधी चौक तक देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही. जबकि पूरबसराय दिलीप बाबू धर्मशाला मोड़ से रेलवे अंडर ब्रिज तक हमेशा जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही थी. इसके कारण राहगीरों और बाजार करने आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

आज लगेगा चंद ग्रहण, कल मनायी जायेगी होली

मुंगेर. होलिका दहन वैसे दो मार्च को ही किया गया, लेकिन तीन मार्च मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने के कारण अब होली 3 मार्च की जगह 4 मार्च बुधवार को मनायी जायेगी. बता दें कि मंगलवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण ऐसा ग्रहण होगा, जो केवल भारत में दिखाई देगा. ज्योतिष के अनुसार, चंद्र ग्रहण मंगलवार दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से आरंभ होगा. जो शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण कुल 3 घंटे 25 मिनट का होगा. हालांकि चंद्र ग्रहण का सूतक काल मंगलवार की सुबह 9 बजकर 20 मिनट से ही शुरू होगा. पंडित प्रमोद मिश्रा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन होली मनायी जाती है, लेकिन मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण बुधवार को होली मनेगी.

होली को लेकर बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़

जमालपुर. बाजार में होली की सामग्रियों की खरीदारी करने वालों की सोमवार को भीड़ लगी रही. इस दौरान रेडीमेड कपड़े तथा रंग पिचकारी और मुखौटे की दुकानों पर अपेक्षाकृत अधिक भीड़ देखने को मिली. कुछ लोगों का कहना है कि जब से ऑनलाइन का सिस्टम शुरू हुआ है, तब से ऐसे मौके पर बाजार की रौनक में कमी आयी है. खासकर रेडीमेड कपड़ों की दुकानदारी प्रभावित हुई है. इसके बावजूद सदर बाजार क्षेत्र में सबसे अधिक भीड़ रेडीमेड कपड़े की दुकान पर ही देखी गयी. इसके बाद रंग, गुलाल, अबीर, पिचकारी और मुखौटे की दुकान पर युवाओं व बच्चों की भीड़ दिखी. दूसरी तरफ होलिका दहन को लेकर भी तैयारी पूरी कर ली गयी है. प्रशासन के अनुसार सड़क के बीच होलिका दहन नहीं किया जाना है. होलिका दहन को लेकर विभिन्न चौक चौराहों पर लकड़ी का ढेर जमा किया गया है.

कल सुबह 5:00 बजे मारवाड़ी समाज का होलिका दहन

मारवाड़ी समाज में होलिका दहन का विशेष महत्व है. मारवाड़ी समाज की ओर से होलिका दहन की विशेष तैयारी की गयी है. वे लोग मारवाड़ी धर्मशाला परिसर में ही होलिका दहन करते हैं. जहां पारंपरिक परिधान में समाज की महिलाएं अपने परिवार के साथ पहुंचती है और धार्मिक अनुष्ठान पूरा करती है. श्री मारवाड़ी धर्मशाला प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी के राजकुमार शर्मा ने बताया कि मारवाड़ी समाज की नवविवाहिताएं होलिका दहन के दिन अपने मायके पहुंचती हैं और होलिका दहन के दौरान सात फेरे लगाकर उसका राख अपने साथ घर ले जातीं हैं. इसके दूसरे दिन से अगले 18 दिन तक अपनी सुहाग की रक्षा और अपने परिवार की मंगल कामना के साथ वह गणगौर पूजा करती है. उन्होंने बताया कि मारवाड़ी समाज द्वारा बुधवार के प्रातः 5:00 बजे होलिका दहन किया जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >