पूर्व विधायक रणवीर यादव हत्या मामले में दोषी करार

Updated at :25 Dec 2016 5:03 AM
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पूर्व विधायक रणवीर यादव हत्या मामले में दोषी करार

दोषी करार पाये जाने के बाद कोर्ट से िनकलते पूर्व िवधायक रणवीर यादव. मुंगेर : खगड़िया के वर्तमान जदयू विधायक पूनम देवी के पति एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव को हत्या के एक मामले में शनिवार को मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीसी चौधरी ने दोषी करार दिया. सत्रवाद संख्या 184/89 में सुनवाई करते […]

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दोषी करार पाये जाने के बाद कोर्ट से िनकलते पूर्व िवधायक रणवीर यादव.

मुंगेर : खगड़िया के वर्तमान जदयू विधायक पूनम देवी के पति एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव को हत्या के एक मामले में शनिवार को मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीसी चौधरी ने दोषी करार दिया. सत्रवाद संख्या 184/89 में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर आरोपित रणवीर यादव
पूर्व विधायक रणवीर…
को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया. सजा के बिंदु पर तीन जनवरी को सुनवाई होगी. इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने बहस में भाग लिया. घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि छह दिसंबर 1988 को रणवीर यादव अपने गांव खगड़िया जिले के चुकती में राइफल से अपने चचेरे भाई सुनील यादव को गोली मार दी थी.
बाद में इलाज के दौरान सुनील की मौत हो गयी थी. सुनील यादव घायलावस्था में ही पुलिस के समक्ष अपना फर्द बयान दर्ज कराया था. जिसमें मात्र एक अभियुक्त रणवीर यादव पर गोली मारने का आरोप था. सुनील के बयान पर चौथम (मानसी) थाना पुलिस ने कांड संख्या 192‍/88 दर्ज की थी. बाद में अनुसंधान के दौरान रणवीर के भाई कैलू यादव का भी नाम घटना को अंजाम देने में आया. लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान ही कैलू यादव की मौत हो गयी.
27 वर्षों में पूरी हुई सुनवाई
सुनील यादव हत्याकांड की सुनवाई पूरी होने में 27 साल गुजर गये. खगड़िया से होते हुए सुनवाई की फाइल मुंगेर न्यायालय पहुंची और लगभग 22 वर्षों तक मुंगेर न्यायालय के विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में मामलों की सुनवाई का दौर चलता रहा. लेकिन इस हाइलेवल मामले में बार-बार अभियुक्त रणवीर यादव द्वारा व्यवहार न्यायालय के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में मामले को ले जाने के कारण सुनवाई की गति काफी धीमी रही.
अप्रैल 2016 में जब मुंगेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई का कार्य पूर्ण किया गया और निर्णय के स्टेज में आया तो पुन: आरोपित रणवीर यादव ने हाइकोर्ट में एक पीटिशन फाइल कर दिया. इस कारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से यह मामला स्थानांतरित होकर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय में भेज दिया गया.
जेल भेजे गये रणवीर
हत्या के मामले में दोषी करार देने के बाद रणवीर यादव को न्यायालय के आदेश से हिरासत में ले लिया गया और उसे मुंगेर जेल भेज दिया गया. सजा की बिंदु पर 3 जनवरी को सुनवाई होगी. इस मौके पर रणवीर यादव की पत्नी जदयू विधायक पूनम देवी एवं कृष्णा देवी सहित उनके परिजन व उनके समर्थक मुंगेर न्यायालय में मौजूद थे.
जेल भेजे गये रणवीर
खगड़िया विधायक पूनम देवी के हैं पति
सजा पर सुनवाई तीन जनवरी को
छह दिसंबर 1988 को चचेरे भाई सुनील की राइफल से की थी हत्या
सजायाफ्ता है रणवीर
पूर्व विधायक रणवीर यादव मुंगेर जिले के बहुचर्चित तौफिर नरसंहार कांड का आरोपित रहा है. उस मामले में उसे न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा हुई थी. वह लगभग नौ वर्षों तक जेल में भी रहा. मामले में रणवीर यादव उच्च न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक दौड़ लगाते रहे. बाद में राज्य सरकार से सजा माफी के बाद वह जेल से निकला.
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