Motihari: दूसरी पत्नी व बड़ा बेटा ने ही की थी वीआइपी नेता की हत्या

लिस ने वीआइपी के संगठन जिला रक्सौल प्रभारी कामेश्वर सहनी हत्याकांड का खुलासा कर लिया है.

Motihari: छौड़ादानो (पूचं) .पुलिस ने वीआइपी के संगठन जिला रक्सौल प्रभारी कामेश्वर सहनी हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद ने शनिवार को दरपा थाने में प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एसआइटी ने हत्याकांड के साक्ष्यों का विश्लेषण किया. क्राइम सीन को रिक्रिएट किया गया. इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ है. उन्होंने बताया कि 22 नवंबर को दरपा थाना क्षेत्र के तिनकोनी गांव निवासी कामेश्वर सहनी की हत्या में उसके बड़े बेटे सावन निषाद,पत्नी सोनी निषाद, ग्रामीण विकास कुमार, मन्नू कुमार व शैलेश सिंह शामिल थे. पुलिस अनुसंधान में पता चला है कि मृतक की दो शादियां हुई थीं. 15 साल पहले पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी अपने छोटे भाई की साली सोनी निषाद से की थी. पहली पत्नी से दो बेटे सावन निषाद (20 वर्ष) व संजीव निषाद (16) हैं. जबकि दूसरी पत्नी से एक पुत्र समर निषाद (10) है. बड़े बेटे सावन निषाद का मृतक कामेश्वर सहनी की दूसरी पत्नी सोनी निषाद से अंतरंग संबंध था. वहीं मृतक का अपने बेटे सावन से भी संबंध अच्छा नहीं था. दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था. इन्हीं वजहों से सोनी व सावन निषाद ने कामेश्वर सहनी को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. प्लान में गांव के ही विकास कुमार, मन्नू कुमार व शैलेश सिंह को शामिल कर हत्या को अंजाम दिया. विकास, मन्नू व शैलेश सिंह का भी मृतक कामेश्वर सहनी से पहले से रंजिश थी. इसलिए वे लोग भी इसमें शामिल हो गये. 21 नवंबर को कामेश्वर सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार विकास कुमार ने बताया कि, कामेश्वर सहनी के सिर में उसके बेटे सावन कुमार ने ही दो फुट की दूरी से पिस्तौल की कई गोलियां दाग दी. रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. इसमें छौड़ादानो पुलिस निरीक्षक रंजय कुमार, दरपा थानाध्यक्ष अनीश कुमार, एसआई अनुज कुमार, छौड़ादानो थानाध्यक्ष प्रभात कुमार, आदापुर थानाध्यक्ष पप्पू कुमार पासवान, एसआई प्रभारी जिला तकनीकी शाखा ब्रजेश कुमार, एसआई तकनीकी शाखा अमरजीत कुमार, एसआई सौरभ कुमार, पुअनि दरपा थाना शुभम कुमारी शामिल थे. एसआईटी ने शुक्रवार को विकास कुमार को आदापुर के श्यामपुर चौक से हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया. उसने अपने साथ सावन निषाद, सोनी निषाद, मन्नू कुमार व शैलेश सिंह के इस हत्याकांड में शामिल होने की बात स्वीकार की. उसने बताया कि हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल मन्नू कुमार ने उपलब्ध करायी थी, जिसे सावन निषाद के घर से बरामद कर लिया गया है. उसके बयान के बाद सावन व सोनी को उनके घर से गिरफ्तार किया गया. बताते चलें कि कामेश्वर सहनी भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था. उसपर पहले से दरपा, छौड़ादानो व घोड़ासहन थानों में उसके विरुद्ध कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. नेपाल के बारा जिले के कलैया में एक स्कूल प्रिंसिपल की हत्या तथा कलैया मे ही दरपा थाने के सुखलहिंया गांव निवासी सुजीत कुमार की हत्या के मामले में उसके विरुद्ध दो मुकदमे दर्ज हैं.

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