Motihari News: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) के प्रबंधन विज्ञान विभाग की ओर से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सहयोग से वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बचत, निवेश, वित्तीय नियोजन और सुरक्षित एवं जिम्मेदार निवेश के बारे में जानकारी दी गई. कार्यक्रम में 60 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया.
सेबी ट्रेनरों ने छात्रों को समझाए वित्तीय फैसलों के तरीके
कार्यक्रम में सेबी की ट्रेनर प्रयागराज की सुश्री शिप्रा श्रीवास्तव एवं श्री कुणाल किशोर ने विद्यार्थियों को वित्तीय मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने वित्तीय निर्णय सोच-समझकर लेने, नियमित बचत की आदत विकसित करने और निवेश के विभिन्न विकल्पों को समझने पर जोर दिया.
निवेश से पहले जोखिम समझने की सलाह
प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को निवेश से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी भी वित्तीय विकल्प में निवेश करने से पहले उसके जोखिम, उद्देश्य और संभावित परिणामों को समझना जरूरी है. विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार निवेश के प्रति जागरूक किया गया.
वित्तीय नियोजन को बताया जरूरी
विभागाध्यक्ष एवं चेयरपर्सन प्रो. सपना सुगंधा ने कहा कि बदलते आर्थिक परिवेश में विद्यार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता बेहद जरूरी है. युवाओं को अपनी आय, बचत, निवेश और भविष्य की वित्तीय जरूरतों को लेकर जागरूक रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वित्तीय समझ विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य में बेहतर आर्थिक निर्णय ले सकेंगे.
विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वित्तीय विषयों से जुड़े कई सवाल पूछे. प्रशिक्षकों ने उनकी जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से वित्तीय निर्णयों को समझाया.
कार्यक्रम संयोजक प्रो. सरोज रंजन ने कहा कि वित्तीय साक्षरता विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है. विशेषज्ञों से मिली व्यावहारिक जानकारी छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगी.
शिक्षक और अतिथि संकाय सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार, डॉ. श्रीनिवास बालगोनी, डॉ. दिलीप कुमार, अतिथि संकाय सदस्य डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. राजीव रंजन चौबे एवं प्रसून कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे.
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