Madhubani News: बिहार सरकार की टीआरई-4 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मैथिली भाषा एवं साहित्य को शामिल नहीं किए जाने पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) ने कड़ा विरोध जताया है. संगठन ने इसे मैथिली भाषा, संस्कृति और मिथिला क्षेत्र के लोगों की उपेक्षा बताते हुए सरकार से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग की है. एमएसयू ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पूरे मिथिला क्षेत्र में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा.
मैथिली की अनदेखी पर जताई नाराजगी
एमएसयू के झंझारपुर जिलाध्यक्ष कुन्दन भारती ने कहा कि टीआरई-4 के तहत उच्च माध्यमिक, माध्यमिक, मध्य विद्यालय और प्राथमिक स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू समेत कई विषयों के लिए रिक्तियां जारी की गई हैं, लेकिन संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल मैथिली भाषा एवं साहित्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि यह फैसला मैथिली भाषा और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान के साथ भेदभाव है.
सरकार से की ये मांग
मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने मांग की है कि टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया में संशोधन कर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मैथिली विषय के शिक्षकों के पर्याप्त पद सृजित किए जाएं और उन पर भर्ती की जाए.
संगठन ने यह भी मांग की कि भविष्य में होने वाली सभी शिक्षक नियुक्तियों में मैथिली भाषा एवं साहित्य को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.
आंदोलन की दी चेतावनी
एमएसयू ने कहा कि यदि सरकार टीआरई-4 में संशोधन कर मैथिली विषय के लिए शिक्षक भर्ती की घोषणा नहीं करती है, तो संगठन पूरे मिथिला क्षेत्र में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा.
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